राजस्थान की ऊर्जा व्यवस्था को मिलेगा नया आधार
जयपुर। राजस्थान में सौर ऊर्जा के बेहतर उपयोग और बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JDVVNL) ने 150 मेगावाट/600 मेगावाट-घंटा (MWh) बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage System - BESS) की स्थापना के लिए निविदा (Request for Selection - RfS) जारी की है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹630 करोड़ है। निविदा 15 जुलाई 2026 निविदा जारी की गई और ऑनलाइन टेंडर सबमिट करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त-2026 है ।
इस परियोजना के तहत राज्य के विभिन्न 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों पर लगभग 150 बैटरी स्टोरेज इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक इकाई की क्षमता 1 मेगावाट/4 मेगावाट-घंटा होगी। परियोजना का उद्देश्य दिन में उत्पन्न अतिरिक्त सौर ऊर्जा को बैटरियों में संग्रहित कर सुबह और शाम के पीक डिमांड के समय बिजली उपलब्ध कराना है।
15 वर्षों तक BOO मॉडल पर होगा संचालन
परियोजना को बिल्ड-ओन-ऑपरेट (Build-Own-Operate - BOO) मॉडल पर लागू किया जाएगा। इसके तहत चयनित निजी कंपनी बैटरी स्टोरेज सिस्टम का निर्माण करेगी, उसकी स्वामित्वधारी होगी तथा लगभग 15 वर्षों तक उसका संचालन एवं रखरखाव भी करेगी।
ग्रिड होगा अधिक मजबूत और स्थिर
बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के माध्यम से बिजली ग्रिड की स्थिरता बढ़ेगी तथा सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग संभव हो सकेगा। इससे ट्रांसफॉर्मरों और फीडरों पर अतिरिक्त भार कम होगा, शाम के समय बिजली की उपलब्धता बेहतर बनेगी तथा कोयला और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटने के साथ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है।
दो चरणों में होगी टेंडर प्रक्रिया
निविदा प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में तकनीकी बोली के माध्यम से कंपनियों की तकनीकी क्षमता और अनुभव का मूल्यांकन होगा। इसके बाद योग्य कंपनियों की वित्तीय बोली खोली जाएगी। सबसे कम दर (L1) देने वाली कंपनी को प्राथमिकता मिलेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर रिवर्स ऑक्शन भी आयोजित किया जा सकता है।
ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया
इच्छुक कंपनियों को अपनी तकनीकी और वित्तीय बोलियां राजस्थान ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करनी होंगी। बोली के साथ अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा करना अनिवार्य होगा, जबकि चयनित कंपनी को परफॉर्मेंस बैंक गारंटी भी देनी होगी।
राजस्थान की ऊर्जा व्यवस्था को मिलेगा नया आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को मजबूत करेगी और भविष्य में ऊर्जा भंडारण आधारित बिजली वितरण व्यवस्था को बढ़ावा देगी। इससे पीक आवर्स के दौरान बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनेगी और राजस्थान की स्वच्छ ऊर्जा नीति को भी नई गति मिलेगी।





