मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 24 अगस्त 2026 को शुरुआती बढ़त के बाद अचानक बिकवाली हावी हो गई। सुबह कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन बाद में निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। दोपहर तक Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 550 अंक तक फिसल गया, जबकि Nifty 24,150 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार में गिरावट के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ईरान पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर बढ़ी चिंता प्रमुख कारणों में शामिल रही।
सुबह बाजार में दिखी थी मजबूती
सोमवार को बाजार ने शुरुआत मामूली बढ़त के साथ की थी। शुरुआती कारोबार में Nifty 50 करीब 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,285.6 और Sensex करीब 0.19 प्रतिशत चढ़कर 77,691.65 तक पहुंच गया था। IT शेयरों में भी खरीदारी दिखाई दी। लेकिन यह तेजी ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी और धीरे-धीरे बाजार में बिकवाली बढ़ गई।
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध की आशंका का असर
बाजार की धारणा पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव का है। संभावित नए अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर निवेशक सतर्क हैं। ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र से तेल निर्यात रोकने की धमकी ने भी कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों को लेकर चिंता बढ़ाई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए महंगा तेल महंगाई और व्यापार घाटे पर दबाव डाल सकता है।
पिछले सप्ताह भी बाजार रहा था दबाव में
इससे पहले 21 अगस्त को कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन Nifty मामूली बढ़त के साथ 24,252 और Sensex 77,540.83 पर बंद हुआ था। हालांकि पूरे सप्ताह Nifty में करीब 0.5 प्रतिशत और Sensex में लगभग 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ऊंचे कच्चे तेल के दाम और बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया।
रुपये पर भी दबाव
शेयर बाजार के साथ रुपये की चाल पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग 95.67 के स्तर पर रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बाजार में हस्तक्षेप किए जाने की खबर है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। Nifty के लिए 24,200 के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि 24,300 के ऊपर टिकना बाजार में फिर मजबूती का संकेत दे सकता है। दूसरी ओर, वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमत और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत बाजार की दिशा को प्रभावित करते रहेंगे।
कुल मिलाकर, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में पहले तेजी और फिर तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर है। ऐसे माहौल में बाजार में जल्दबाजी के बजाय सावधानी बरतने का रुख दिखाई दे रहा है।





