मुंबई। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 70.85 अंक यानी करीब 0.09 प्रतिशत गिरकर 78,009.25 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 24.35 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,363.30 अंक पर रहा। हालांकि पूरे सप्ताह के आधार पर निफ्टी में करीब 0.8 प्रतिशत और सेंसेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
मध्य-पूर्व तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का दबाव
बाजार में निवेशकों की धारणा पर मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर रहा। ब्रेंट क्रूड करीब 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे निवेशक सतर्क नजर आए।
धातु, ऑटो और आईटी शेयरों में बिकवाली
कारोबार के दौरान मेटल, ऑटो और आईटी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। प्रमुख सेक्टरों में वित्तीय शेयरों पर भी दबाव रहा। वहीं मीडिया और टेलीकॉम सहित कुछ क्षेत्रों में खरीदारी ने बाजार की गिरावट को सीमित करने में मदद की।
टाटा मोटर्स में तेज गिरावट
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में टाटा मोटर्स में करीब 4.3 प्रतिशत की गिरावट रही। कंपनी के तिमाही मुनाफे में तेज गिरावट की खबरों से शेयर पर दबाव बढ़ा। दूसरी ओर, बेहतर तिमाही नतीजों के बाद एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयर में करीब 9.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई।
निवेशकों की नजर आगे के वैश्विक संकेतों पर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, मध्य-पूर्व की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के रुख पर रहेगी। कॉरपोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बाजार में सावधानी का माहौल बना हुआ है।




