जयपुर। राजस्थान पुलिस के रिपोर्ड कार्ड पेश करते हुए डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की है। बजट घोषणा वर्ष 2026-27 में माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा 100 करोड़ का प्रावधान रखते हुए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर(R4C) की स्थापना एवं AI दक्ष 1930 कॉल सेंटर की स्थापना की घोषणा की है, जो प्रक्रियाधीन है। साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमतावर्धन कर वर्तमान में कुल 53 लाइन 24*7 तीन शिफ्टों में कार्यरत हैं। शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए दो अतिरिक्त व्हाट्सएप नंबर 9256001930 एवं 9257510100 भी उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर पुलिस थाने स्थापित किए जा चुके हैं तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क गठित की गई है। 10 जनवरी 2026 से 5 लाख रुपये तक के साइबर अपराधों के लिए जीरो-एफआईआर सुविधा शुरू होने के बाद अब तक 405 ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
साइबर शिकायतों की संख्या वर्ष वर्ष 2025 में 1,47,384 रही, जबकि 30 जून 2026 तक 84,916 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। वर्ष 2025 में कुल 3,432 प्रकरण दर्ज हुए तथा 768.7 करोड़ रुपये की राशि होल्ड की गई। होल्ड राशि का प्रतिशत बढ़कर 23.54 प्रतिशत से 26.47 प्रतिशत हो गया।
राजस्थान पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट जैसे उभरते साइबर अपराधों पर भी प्रभावी कार्रवाई की है। वर्ष 2023 से जून 2026 तक कुल 136 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 52.23 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड की गई।
राजस्थान पुलिस द्वारा साइबर शील्ड, ऑपरेशन एंटी वायरस एवं म्यूल हंटर एवं वज्र प्रहार जैसे विशेष अभियानों के माध्यम से साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इन अभियानों में बड़ी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी, मोबाइल एवं सिम कार्ड जब्त करने के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी राशि फ्रीज कर पीड़ितों को लौटाई गई है।
साइबर अपराधों के तहत 30 जून 2026 तक CEIR पोर्टल के माध्यम से 1.84 लाख गुमशुदा मोबाइल ट्रेस किए गए, जिनमें से 61,346 मोबाइल उनके मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं। वहीं साइबर अपराधों में प्रयुक्त 1.25 लाख से अधिक सिम एवं 1.19 लाख IMEI ब्लॉक किए गए हैं।
2026 को एक स्वीकृति जारी की गई है, जिसमें संवर्ग के 403 पदों को उच्च पदों में पुनर्गठित किया गया है। इस कैडर पुनर्गठन के निर्णय से अब तकनीकी संवर्ग में भी सिविल संवर्ग की तरह समयानुसार पदोन्नतियों हो सकेंगी।
यह रहेगा भविष्य का रोडमेप -अंत में भविष्य का रोडमैप साझा करते हुए महानिदेशक पुलिस श्री शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में सीआईडी (सीबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से एनडीपीएस एक्ट के बड़े तस्करों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को BNSS की धारा 107, BNS की धारा 111, 112 और PIT-NDPS के तहत कुर्क व जब्त करने की कार्रवाई बड़े स्तर पर की जाएगी। इसके साथ ही, रंगदारी (फिरौती) के लिए फायरिंग करने वाले और धमकी देने वाले गैंगस्टर्स के खिलाफ एजीटीएफ के विशेष ऑपरेशन्स जारी रहेंगे, और जरूरत पड़ने पर विदेशों में छिपे अपराधियों को भी प्रत्यर्पित करने की कार्यवाहियाँ की जाएंगी। राज्य में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दृष्टि से R4C के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी।
इस मौके पर ANTF व ATS के ADG श्री दिनेश एमएन ने मीडियाकर्मियों के जवाब में ANTF व ATS द्वारा की जा रही विशिष्ट कार्यवाहियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आरंभ में मुख्यालय DIG श्री कुंवर राष्ट्रदीप ने राजस्थान पुलिस की पिछले 6 महीने की उपलब्धियों के बारे में एक प्रस्तुतिकरण दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजी पुलिस प्रशिक्षण श्री अनिल पालीवाल, समस्त ADG व पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





