नई दिल्ली । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय पिछले पांच वर्षों से ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहा है और देश के करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
शाह सोमवार को नई दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के अपने विजन को विस्तार से रखा।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार इस राष्ट्रीय विजन को धरातल पर उतारने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य में सहकारिता संस्थाओं को मजबूत बनाकर किसानों, पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद से देश के ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के नए-नए संकल्प साकार हो रहे हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता आंदोलन आज देश के कोने-कोने में आत्मनिर्भरता की नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।”
कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘लालन’ सिंह, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री चौधरी कृष्ण पाल गुर्जर, केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस मौके पर सहकारिता क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों में प्राप्त उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा भविष्य की योजनाओं और लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में सहकारिता आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई पहल की घोषणा की गई।
राजस्थान की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान राजस्थान में सहकारिता को मजबूत करने के राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार सृजन के लिए सहकारिता मॉडल को प्रभावी रूप से लागू करेगी।





