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₹52 हजार करोड़ की डिफेंस डील को मंज़ूरी, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमताएं कई गुना बढ़ेंगी

सेना के लिए 'आकाश-तरंग' एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, कंधे से दागी जाने वाली एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम, मध्यम दूरी की एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, बहुत कम दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम, टैंक सुरक्षा सिस्टम और जेट-आधारित कामिकेज़ (लोइटरिंग म्यूनिशन) ड्रोन सिस्टम की खरीद को मंज़ूरी दी गई है।

NSI Admin03 Jul 2026, 01:12 PM5 views2 min read
₹52 हजार करोड़ की डिफेंस डील को मंज़ूरी, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमताएं कई गुना बढ़ेंगी
₹52,000 Crore Defence Deal Approved; Capabilities of Indian Army, Navy, and Air Force Set to Increase Manifold

नई दिल्ली,नेशनल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में करीब 52 हजार करोड़ रुपये की रक्षा खरीद योजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। इन योजनाओं के तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना को अत्याधुनिक हथियार, मिसाइलें, ड्रोन रोधी प्रणाली, हवाई सुरक्षा प्रणाली और निगरानी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे देश की युद्ध तैयारी और सुरक्षा क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।

थल सेना के लिए ड्रोन रोधी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली आकाश तरंग, कंधे से दागी जाने वाली टैंक रोधी मिसाइल प्रणाली, मध्यम दूरी की हवाई सुरक्षा मिसाइल प्रणाली, बेहद कम दूरी की हवाई सुरक्षा प्रणाली, टैंकों की सुरक्षा प्रणाली और जेट आधारित आत्मघाती ड्रोन प्रणाली की खरीद को मंजूरी दी गई है। इससे सेना की मारक क्षमता और सुरक्षा दोनों बढ़ेंगी।

ड्रोन और टैंकों से निपटने की ताकत होगी मजबूत-आकाश तरंग सेना को दुश्मन के ड्रोन हमलों से प्रभावी सुरक्षा देगा। कंधे से दागी जाने वाली टैंक रोधी मिसाइल दुश्मन के टैंक और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने में मदद करेगी। वहीं मध्यम दूरी की हवाई सुरक्षा मिसाइल प्रणाली दुश्मन के हवाई खतरों को समय रहते रोकने में सक्षम होगी।

हवाई सुरक्षा और टैंकों की रक्षा होगी बेहतर -बेहद कम दूरी की हवाई सुरक्षा प्रणाली कई तरह की बाधाओं के बीच भी प्रभावी ढंग से काम करेगी। टैंकों के लिए नई सुरक्षा प्रणाली उन्हें दुश्मन के हमलों से बचाने और उनकी जीवित रहने की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी। जेट आधारित आत्मघाती ड्रोन प्रणाली कम लागत में अधिक मारक क्षमता और बेहतर इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता उपलब्ध कराएगी।

नौसेना की समुद्री ताकत में होगा बड़ा इजाफा -नौसेना के लिए समुद्र में बिछाई जाने वाली विशेष बारूदी सुरंग, युद्धपोतों से संचालित मानवरहित हवाई प्रणाली और विद्युत चालित प्रणोदन प्रणाली की जांच के लिए भूमि आधारित परीक्षण केंद्र स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इससे समुद्री निगरानी, दुश्मन की गतिविधियों पर नजर और नौसेना के युद्ध संचालन की क्षमता मजबूत होगी।

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