नई दिल्ली। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सोमवार को कहा कि वह अपना अनशन 23वें दिन भी जारी रखेंगे। उन्हें दो दिन पहले दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन की जगह से उठाकर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले गई थी।
वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक पत्र शेयर किया। इसमें उन्होंने कहा है कि आज शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ जिस तरह की "बर्बरता" की गई, उसे देखते हुए उन्होंने अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।
वांगचुक ने हाथ से लिखे पत्र में कहा, "शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता हो रही है, उसे देखते हुए मैंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। मैं तब तक अनशन जारी रखूंगा जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की इजाज़त नहीं मिल जाती या मुझे अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जाती।"
उन्होंने आगे कहा, "उम्मीद है कि सरकार इससे पहले शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी।"
एक्टिविस्ट ने कहा कि उकसावे के बावजूद युवाओं ने जिस तरह शांति बनाए रखी, उससे वह बहुत प्रभावित हुए।





