नई दिल्ली। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर लोकसभा में हुई बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की एक टिप्पणी को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रियंका गांधी पर देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर वंशवाद की राजनीति करने का निशाना साधा है।
दरअसल, लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी की एक पुरानी टिप्पणी का उल्लेख करते हुए उन पर तंज कसा था। यह टिप्पणी गोमूत्र से जुड़े उनके एक बयान को लेकर थी। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला (शहजाद जयहिंद) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो जारी कर प्रियंका गांधी और प्रोफेसर वी. कामकोटी की उपलब्धियों की तुलना की। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर कामकोटी देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों में शामिल हैं और शिक्षा तथा तकनीकी क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस योग्यता की बजाय वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा देती रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में गोमूत्र से जुड़े उत्पादों को बढ़ावा दिया गया, वही आज इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों और बयानों में विरोधाभास होने का आरोप लगाया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में परीक्षा प्रणाली में सुधार और उसे अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति में प्रोफेसर वी. कामकोटी को सदस्य बनाए जाने की घोषणा की है। नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली इस समिति को परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों के सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस बीच कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश करार दिया है। संसद में हुई इस बहस के बाद शिक्षा, परीक्षा सुधार और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।





