जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किए। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के आरोप लगाए।
भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता जुटे और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक परंपराओं का सम्मान नहीं कर रही है तथा जनता को भ्रमित करने की राजनीति कर रही है।

बीजेपी का विरोध प्रदर्शन -
बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ की अगुवाई में दोपहर 2 बजे लगभग नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और कांग्रेस कार्यालय के घेराव करने निकल पड़े। बीच रास्ते में पुलिस ने कड़े बंदोबस्त कर रखे थे। जयपुर पुलिस आयुक्तालय से बीजेपी नेताओं को पुलिस ने बढ़ने नहीं दिया और समझाइश की। पानी बछारे की।

अध्यक्ष राठौड़ ने कहा -नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने, संसद की कार्यवाही बाधित करने एवं जंतर-मंतर पर हुई कथित पत्थरबाजी की घटना के विरोध में आज भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान के प्रदेश पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के पर विशाल पैदल मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति, युवा एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। बीजेपी अध्यक्ष के साथ पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी, महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी , महिला मोर्चा की अध्यक्ष राखी राठौड़ सहित अन्य नेता शामिल रहे।
कांग्रेस का भी विरोध प्रदर्शन - वहीं कांग्रेस ने भी भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए राजधानी में प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वयं मोर्चा संभाला और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने, लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करती रहेगी।

दोनों दलों के प्रदर्शनों को देखते हुए जयपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, हालांकि दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली।
बीजेपी के कांग्रेस कार्यालय घेराव प्रदर्शन के जवाब में कांग्रेस ने भी बीजेपी कार्यालय घेराव करने का आव्हान कर दिया और कार्यकर्तोओ को 4 बजे कार्यालय पहुंचने की अपील की गई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की और से मोर्चा संभाला। उनके साथ अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास साथ चल रहे थे।

कांग्रेस कार्यालय से लगभग शाम 5 बजे निकले नेता मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और हाथों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की तख्तियां लिए थे। जयपुर पुलिस आयुक्तालय से आगे नेताओं को पुलिस ने बढ़ने नहीं दिया और समझाइश की। पानी बछारे की और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ख़त्म हो गया।





