जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल में की मुलाकात, बातचीत के बाद लिया फैसला
नई दिल्ली: एक ओर जहां पीएम नरेंद्र मोदी ने लगभग रात 12 बजे एक वीडियो शेयर करते हुए वादा किया कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और इसके लिए कैबिनेट में बड़ा फैसला भी किया जाएगा तो इसके कुछ ही मिनटों बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। NEET पेपर लीक के गुनहगारों के खिलाफ आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम ने लगभग 26 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म की। यह फैसला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत के बाद सामने आया।
किस वादे पर खत्म हुआ अनशन

एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह हॉस्पिटल में सोनम वांगचुक से मिलते दिख रहे हैं। बता दें कि सरकार और जंतर-मंतर पर लगभग एक महीने से आंदोलन कर रहे CJP समर्थकों के बीच कई मर्तबा बातचीत हुई, लेकिन बात नहीं बनी थी। हालांकि, माना जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के आश्वासन की दिशा में पहल के बाद वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने का निर्णय लिया।
26 दिनों से थे भूख हड़ताल पर
उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक ने 28 जून को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनका समर्थन उन छात्रों और युवाओं के आंदोलन को था जो अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान 18 जुलाई (21वां दिन) लगातार उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। चिकित्सकों की सलाह और अदालत के निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई। वांगचुक ने अस्पताल ले जाने पर आपत्ति भी जताई थी।





