दिल्ली पुलिस हुई सख्त,उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली,नेशनल डेस्क। संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) की ओर से संसद तक प्रस्तावित मार्च के लिए न तो प्रशासन से अनुमति मांगी गई है और न ही किसी प्रकार की स्वीकृति दी गई है। ऐसे में किसी भी अनधिकृत मार्च, जुलूस या प्रदर्शन में शामिल होने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 प्रभावी है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, विरोध मार्च, जुलूस और सार्वजनिक प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस ने कहा कि केवल जंतर-मंतर स्थित निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर पूर्व अनुमति मिलने के बाद ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने जा रहा है। इस दौरान सांसदों, अन्य संरक्षित व्यक्तियों, महत्वपूर्ण सरकारी भवनों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजधानी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत सभा, मार्च या प्रदर्शन का हिस्सा न बनें तथा राजधानी में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
पुलिस का कहना है कि संसद सत्र के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





