रांची,स्टेट डेस्क। झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन रविवार को सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत के बाद भी खत्म नहीं हो सका। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों पर समझौता करने से इनकार करते हुए आंदोलन जारी रखने और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है। उधर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी रविवार को युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि सरकार उनकी जायज चिंताओं का पारदर्शी तरीके से समाधान करेगी।
सरकार ने कई मांगों पर सहमति जताई, लेकिन दो मुद्दों पर पेच
रविवार रात चार मंत्रियों के समूह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार ने छात्रों की कई प्रमुख मांगें मान ली हैं। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने छात्रों से हठधर्मिता छोड़कर आंदोलन वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए समाधान चाहती है और छात्रों की जायज मांगों पर कार्रवाई के लिए तैयार है।
सरकार के मुताबिक, 14वीं JPSC PT परीक्षा और सिविल सर्विसेज की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई गई है। इसके अलावा परीक्षा से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित वसूली के मामलों की CID जांच के साथ ED से भी जांच कराने के लिए पत्र लिखने की बात कही गई है। TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित अन्य विवादित परीक्षाओं की भी व्यापक जांच कराने का आश्वासन दिया गया है।
JSSC CGL रद्द करने से सरकार का इनकार-छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC CGL परीक्षा 2024 को रद्द करना और विवादित परीक्षाओं की CBI जांच कराना शामिल है। सरकार ने JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने से साफ इनकार किया है।
मंत्री सुदिव्य कुमार का कहना है कि CGL परीक्षा अदालत की निगरानी में हुई थी और इसके आधार पर कई अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी हो चुकी है। ऐसे में बिना कानूनी आधार के परीक्षा रद्द करना संभव नहीं है। सरकार ने इस मामले में न्यायिक जांच का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन छात्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया।
परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार का दावा-सरकार ने JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक संरचनात्मक सुधार का भी प्रस्ताव रखा है। इसके लिए IIM रांची, IIT-ISM धनबाद और XLRI जैसे संस्थानों की मदद लेने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि सुधार प्रक्रिया में छात्रों और अन्य हितधारकों के सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।
छात्रों ने कहा- मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा-वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से कई मुद्दों पर आश्वासन जरूर दिया गया है, लेकिन उनकी मुख्य मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ है। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच से जुड़े कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और दो प्रमुख मुद्दों पर छात्र समझौता नहीं कर सकते।
अभ्यर्थी न्याय मंच के देवेंद्रनाथ महतो भी आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वह 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और उनका कहना है कि जब तक TDPL से जुड़ी सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द कर CBI जांच नहीं कराई जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी
बातचीत विफल होने के बाद छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा मार्च और घेराव का ऐलान किया है। इससे पहले छात्र संगठनों ने बड़ी संख्या में छात्रों के रांची पहुंचने की बात कही थी। आंदोलन के दौरान रविवार को प्रदर्शनकारियों ने जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा यात्रा भी निकाली।
छात्रों के आंदोलन को विधायक जयराम महतो ने भी समर्थन दिया है। उन्होंने छात्रों के समर्थन में एक दिवसीय निर्जला उपवास किया और 10 अगस्त के विधानसभा मार्च में शामिल होने की बात कही है।
विधानसभा के आसपास धारा 163 लागू
प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। झारखंड विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू की गई है। इस क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और धरना आदि पर रोक रहेगी।
पुलिस प्रशासन को भी प्रदर्शन के दौरान संयम बरतने और छात्रों पर अनावश्यक सख्ती नहीं करने की सलाह दी गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य विधानसभा मार्च के दौरान किसी भी तरह के टकराव को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
JPSC के तीन और सदस्यों ने दिया इस्तीफा-
इसी बीच JPSC से जुड़ा विवाद और गहरा गया है। आयोग के बचे हुए तीन सदस्यों ने रविवार रात इस्तीफा दे दिया। 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के मामले में CID को उनसे पूछताछ करनी थी। इससे पहले आयोग के पूर्व चेयरमैन भी इस्तीफा दे चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में CID अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मुख्यमंत्री ने भी युवाओं से संवाद की अपील की
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी रविवार को युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि सरकार उनकी जायज चिंताओं का पारदर्शी तरीके से समाधान करेगी। उन्होंने युवाओं से राजनीतिक संरक्षण का शिकार नहीं बनने की अपील की और भरोसा दिलाया कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार कदम उठाएगी।
फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध बरकरार है। एक ओर सरकार कई मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दे रही है, वहीं छात्र JSSC CGL सहित विवादित परीक्षाओं को लेकर अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में 10 अगस्त का विधानसभा मार्च झारखंड सरकार और छात्र आंदोलन, दोनों के लिए अहम परीक्षा माना जा रहा है।


