रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड की राजधानी रांची में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब हिंसक और उग्र हो गया है। विधानसभा का घेराव करने निकले हजारों छात्रों और पुलिस के बीच भारी झड़प देखने को मिली है। हालात बेकाबू होने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस बीच, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सरकार से किसी भी प्रकार की आगे की बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। वही छात्र खेतों के रास्ते से विधान सभा पहुंचकर वही डेरा डाल दिया है।
विधानसभा मार्च उग्र: 6 बैरिकेड टूटे, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले-अपनी मांगों पर अड़े छात्रों ने आज विधानसभा की ओर कूच किया। विधानसभा की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कुल 7 बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी, लेकिन उग्र भीड़ ने इनमें से 6 बैरिकेड्स को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
सातवें और अंतिम बैरिकेड को टूटने से बचाने और छात्रों को विधानसभा में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। वही छात्र खेतों के रास्ते से विधान सभा पहुंचकर वही डेरा डाल दिया है।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया।
स्ट्रेचर पर मार्च में पहुंचे देवेंद्र महतो, कहा- "सरकार कायर है"
पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनशन के कारण शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो गए हैं। चलने में असमर्थ महतो को उनके समर्थकों ने स्ट्रेचर पर बैठाकर और अपने कंधों पर उठाकर मार्च में शामिल किया। छात्रों ने उन पर फूल बरसाए, जिसके जवाब में महतो ने तिरंगा लहराकर अपना विरोध दर्ज कराया।
सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए देवेंद्र महतो ने सख्त लहजे में ऐलान किया, "अब इस सरकार से कोई बातचीत नहीं होगी। यह सरकार पूरी तरह से कायर है।"
सरकार का स्पष्टीकरण: 'जांच या रद्द करने का अधिकार नहीं'
छात्र प्रतिनिधि लगातार JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और CBI जांच कराने की मांग पर अड़े हैं। वहीं, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला अब उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) कोटे के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा: "CGL परीक्षा माननीय हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में संपन्न हुई थी। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार के पास परीक्षा को रद्द करने या सीधे तौर पर CBI जांच का आदेश देने का कोई कानूनी अधिकार नहीं बचा है।"
सियासी घमासान: बाबूलाल मरांडी हिरासत में-छात्रों के इस आंदोलन ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी को पुलिस ने हिरासत (Detain) में ले लिया है। उन्हें खेलगांव स्थित कैंप जेल ले जाया गया है।
15 दिनों से सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं-मरांडी
हिरासत में लिए जाने के बाद सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए मरांडी ने कहा: "झारखंड के छात्र पिछले 15 दिनों से सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। आज हम मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर छात्रों के लिए न्याय की मांग करने जा रहे थे, लेकिन हमें आवास के बाहर ही रोककर डिटेन कर लिया गया। हम सरकार की इस तानाशाही का करारा जवाब देंगे। छात्रों को न्याय दिलाने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"
चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई
ग्राउंड जीरो पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं और विधानसभा के पास पुलिस-छात्रों के बीच भारी गतिरोध जारी है।



