जयपुर। राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार जहां महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस ने सरकार को सड़क, शिक्षा, बेरोजगारी, अधूरी बजट घोषणाओं और अन्य जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है।
UCC विधेयक होगा सबसे बड़ा मुद्दा
सत्र में सबसे ज्यादा नजरें राजस्थान समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 पर रहेंगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में UCC विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी जा चुकी है और सरकार इसे विधानसभा में पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
ड्राफ्ट में विवाह के 60 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। साथ ही बहुविवाह पर रोक का प्रावधान भी प्रस्तावित है। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह की रस्में जारी रखने की व्यवस्था रखते हुए उनका कानूनी पंजीकरण जरूरी किए जाने की बात सामने आई है।
आदिवासी क्षेत्रों को लेकर भी चर्चा
UCC को लेकर दक्षिण राजस्थान में भी राजनीतिक बहस तेज है। सरकार की ओर से आदिवासी समुदायों को प्रस्तावित कानून के दायरे से बाहर रखने की बात कही गई है, लेकिन इस मुद्दे पर आदिवासी संगठनों और राजनीतिक दलों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। ऐसे में सदन में इस प्रावधान पर भी चर्चा होने के आसार हैं।
सत्र की अवधि पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने
विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर भी सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद हैं। विपक्ष सत्र को अधिक दिन चलाने और ज्यादा से ज्यादा जनहित के मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रहा है। वहीं सरकार सीमित अवधि में जरूरी विधायी कामकाज पूरा करने के पक्ष में है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरने की बनाई रणनीति
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार की गई है। विपक्ष जर्जर सड़कों, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, अधूरी बजट घोषणाओं और सरकारी योजनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है। निकाय चुनावों से पहले शुरू हो रहे इस सत्र में राजनीतिक बयानबाजी और हंगामे के भी आसार हैं।
विधानसभा की कार्यवाही पर सबकी नजर
राजस्थान विधानसभा की आधिकारिक कार्य-सूची के अनुसार 20 अगस्त को 16वीं विधानसभा का छठा सत्र शुरू होना निर्धारित है। ऐसे में पहले दिन से ही UCC सहित प्रस्तावित विधायी एजेंडे और विपक्ष की रणनीति पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी।





