बीकानेर। नगर निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही बीकानेर में भाजपा के भीतर पार्षद टिकट को लेकर घमासान तेज हो गया है। नगर निगम के 80 वार्डों में प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही भाजपा के पास महज दो दिनों में ही 600 से अधिक आवेदन पहुंच गए। बड़ी संख्या में दावेदारों के सामने आने से पार्टी के लिए प्रत्याशी चयन चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
बीकानेर। नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा ने बीकानेर में अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की शहर इकाई की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में वार्ड स्तर से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और चुनावी रणनीति को प्रभावी बनाने पर मंथन किया गया। बैठक का नेतृत्व भाजपा बीकानेर शहर जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ ने किया।
वार्ड से बूथ तक संगठन मजबूत करने पर जोर
बैठक में आगामी निकाय चुनाव को केवल प्रत्याशी चयन तक सीमित न रखते हुए बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क अभियान चलाने और केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि चुनाव में संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की सक्रियता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
टिकट चयन में स्थानीय फीडबैक अहम
भाजपा ने राजस्थान के निकाय चुनावों में प्रत्याशी चयन के लिए स्थानीय फीडबैक, कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच दावेदार की पकड़ तथा उसकी जीतने की क्षमता को प्रमुख आधार बनाने की तैयारी की है। वरिष्ठ नेताओं और चुनाव प्रभारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में राजनीतिक स्थिति का आकलन करने तथा संभावित प्रत्याशियों के बारे में रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। पर्यवेक्षक स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और टिकट के दावेदारों से भी फीडबैक लेंगे।
बीकानेर में भी टिकट के लिए बड़ी संख्या में दावेदार सामने आने के बाद पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रत्येक वार्ड के लिए उपयुक्त और मजबूत प्रत्याशी चुनने की है। पार्टी की कोशिश ऐसे चेहरे उतारने की रहेगी जिनका स्थानीय जनाधार मजबूत हो और जो संगठन के साथ प्रभावी ढंग से चुनाव लड़ सकें।
80 वार्डों में चुनावी मुकाबले की तैयारी
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में चुनाव होना है। टिकट के लिए दावेदारों की बढ़ती संख्या ने पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है। ऐसे में भाजपा के सामने एक ओर कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को संतुलित करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर प्रत्येक वार्ड में मजबूत प्रत्याशी उतारकर चुनावी मुकाबले में बढ़त बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।





