जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही जयपुर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। टिकट वितरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस में मंथन का दौर जारी है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने दोनों प्रमुख दलों से पहले अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर चुनावी मैदान में बढ़त बनाने की कोशिश की है।
AAP ने जयपुर नगर निगम के 11 वार्डों के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। इनमें विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, सांगानेर, बगरू, सिविल लाइन्स, आदर्श नगर और हवामहल विधानसभा क्षेत्रों के वार्ड शामिल हैं। सूची में वार्ड 22 से त्रिलोक पारीक, वार्ड 33 से कविता यादव, वार्ड 54 से संगीता कुमारी गौड़, वार्ड 62 से योगेश गोयल, वार्ड 64 से हीरा लाल खर्रा, वार्ड 71 से मो. साजिद, वार्ड 103 से प्रदीप अशुदानी, वार्ड 117 से मोहम्मद असलम, वार्ड 120 से लालचंद सैनी, वार्ड 141 से डॉ. गजेन्द्र बंसल और वार्ड 145 से पिंकी कुमारी को मैदान में उतारा गया है।
भाजपा में टिकट को लेकर मंथन
उधर भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशियों के नाम जल्द घोषित होने के कयास लगाए जा रहे है । भाजपा जयपुर के 150 वार्डों के लिए तीन-तीन नामों के पैनल तैयार कर चुकी है। इन पैनलों को प्रदेश स्तर की स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। भाजपा में कई वरिष्ठ नेताओं ने भी पार्षद टिकट के लिए दावेदारी पेश की है।
भाजपा के सामने टिकट वितरण के साथ-साथ संभावित बगावत को रोकना भी बड़ी चुनौती है। पार्टी ने टिकट से वंचित दावेदारों और उनके समर्थकों को मनाने के लिए वार्ड स्तर पर डैमेज कंट्रोल की रणनीति तैयार की है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रत्येक वार्ड में प्रभावशाली कार्यकर्ताओं की टीम बनाकर असंतुष्ट दावेदारों से संवाद किया जाएगा।
कांग्रेस भी अंतिम तैयारी में
कांग्रेस ने भी प्रत्याशी चयन के लिए संगठनात्मक स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी ने विधानसभा क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं को चुनाव समन्वयक बनाकर संभावित उम्मीदवारों के बारे में फीडबैक जुटाया है। जयपुर समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय समीकरण, कार्यकर्ताओं की राय और उम्मीदवार की जीत की संभावना को टिकट चयन में महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
2500 से ज्यादा दावेदारों ने बढ़ाई चुनौती
जयपुर में भाजपा के लिए टिकट वितरण आसान नहीं माना जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 150 वार्डों के लिए 2500 से ज्यादा दावेदार सामने आए हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने जिताऊ उम्मीदवार चुनने के साथ संगठन में असंतोष को नियंत्रित रखने की चुनौती भी है।
नामांकन के साथ बदलेगा चुनावी माहौल
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब चुनावी तस्वीर तेजी से साफ होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस की प्रत्याशी सूचियां जारी होने के बाद कई वार्डों में सीधा मुकाबला और स्थानीय राजनीतिक समीकरण सामने आएंगे। AAP की शुरुआती सूची ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की संभावनाओं को भी चर्चा में ला दिया है।




