नई दिल्ली। जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम की घोषणा के साथ ही विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए सैमसन को टीम में जगह नहीं दी है। उनके बाहर होने के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों और कई पूर्व खिलाड़ियों के बीच बहस छिड़ गई है। बड़ी संख्या में फैंस का मानना है कि किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन केवल कुछ खराब पारियों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
संजू सैमसन लंबे समय से भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करते रहे हैं। जब-जब उन्हें अवसर मिला, उन्होंने कई मौकों पर शानदार बल्लेबाजी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, लेकिन लगातार मौके नहीं मिलने की शिकायत भी उनके साथ जुड़ी रही। ऐसे में जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम से बाहर किए जाने के फैसले ने एक बार फिर चयन नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाल के कुछ मुकाबलों में सैमसन का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। सीमित अवसरों में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके, जिसके बाद चयनकर्ताओं ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताने का फैसला किया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टीम प्रबंधन भविष्य की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाना चाहता है।
दूसरी ओर, बड़ी संख्या में प्रशंसकों का कहना है कि केवल दो-तीन खराब पारियों के आधार पर किसी अनुभवी खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं माना जा सकता। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब अन्य खिलाड़ियों को लगातार मौके दिए जाते हैं, तो संजू सैमसन के मामले में अलग पैमाना क्यों अपनाया जाता है।

जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित टीम में कई नए चेहरों को शामिल किया गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि यह दौरा युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव देने का अच्छा अवसर होगा। हालांकि संजू सैमसन को बाहर किए जाने का फैसला फिलहाल क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब सबकी नजर आगामी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं पर रहेगी। यदि संजू सैमसन घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनके लिए भारतीय टीम में वापसी के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं माने जा रहे हैं।
संजू सैमंसग का करियर- विकेटकीपर-दाएं हाथ के बल्लेबाज की घरेलू क्रिकेट की शुरुआत केरल की जूनियर टीमों से हुई। अंडर-13, अंडर-16 और अंडर-19 स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय पहचान बनाई। रणजी ट्रॉफी में केरल के लिए लगातार प्रभावशाली बल्लेबाजी की और टीम की कप्तानी भी संभाली।
आईपीएल करियर-2013 में राजस्थान रॉयल्स से आईपीएल डेब्यू किया।अपने पहले ही सीजन में इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए। बाद में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के लिए भी खेले। 2018 में फिर राजस्थान रॉयल्स लौटे। 2021 से राजस्थान रॉयल्स के कप्तान बने और 2022 में टीम को फाइनल तक पहुंचाया। 2026 सीजन से चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा बने। आईपीएल में 190 से अधिक मैच खेलते हुए 5,000 से ज्यादा रन, 5 शतक और 27 से अधिक अर्धशतक बना चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय करियर-
टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण: 19 जुलाई 2015, जिम्बाब्वे के खिलाफ। वनडे पदार्पण: 23 जुलाई 2021, श्रीलंका के खिलाफ। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के लिए जाने जाते हैं, हालांकि लगातार मौके नहीं मिलने को लेकर अक्सर चर्चा में रहे हैं।
प्रमुख उपलब्धियां-आईपीएल 2013 के इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट।राजस्थान रॉयल्स के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल। 2026 टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए।
करियर की चुनौतियां-संजू सैमसन के करियर में प्रतिभा की कभी कमी नहीं रही, लेकिन टीम इंडिया में नियमित अवसर न मिलने और चयन में निरंतरता के अभाव को लेकर अक्सर बहस होती रही है। हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम से बाहर किए जाने के बाद भी चयनकर्ताओं के फैसले पर क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने सवाल उठाए हैं।





