नई दिल्ली,स्पोर्ट्स डेस्क। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट स्टेज में पराग्वे को 1-0 से धूल चटाने के बाद पिछले बार के उप-विजेता फ्रांस ने क्वार्टर फाइनल में एंट्री कर लिया है। लेकिन फुटबॉल फैंस की नजरें अब अगले दौर के उस महामुकाबले पर टिक गई हैं, जहां फ्रांस का सामना अफ्रीका की जाइंट-किलर टीम मोरक्को से होने जा रहा है। यह मुकाबला केवल सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने की जंग नहीं है, बल्कि इसमें इतिहास की कड़वाहट और बदले की आग भी शामिल है।
याद दिला दें कि कतर में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में भी यही दोनों टीमें आमने-सामने थीं। उस ऐतिहासिक नॉकआउट मुकाबले में फ्रांस ने मोरक्को के सपने को 2-0 से तोड़कर फाइनल का टिकट कटाया था। अब ठीक चार साल बाद, दोनों टीमें एक बार फिर वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में टकराने जा रही हैं। जहां एक तरफ मोरक्को के एटलस लायंस के पास पिछले सेमीफाइनल में मिली उस दर्दनाक हार का हिसाब चुकता करने का सुनहरा मौका है, वहीं फ्रांसीसी टीम विश्व फुटबॉल में मोरक्को पर अपने दबदबे को हर हाल में कायम रखना चाहेगी।
कठिन संघर्ष के बाद मिली फ्रांस को जीत-फिलाडेल्फिया के मैदान पर फ्रांस को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने का काम उनके करिश्माई कप्तान किलियन एम्बापे ने किया। पराग्वे के खिलाफ खेला गया यह मुकाबला बेहद शारीरिक और तनावपूर्ण रहा, जिसे फ्रांस ने 1-0 से अपने नाम किया। मैच का इकलौता और निर्णायक मोड़ 70वें मिनट में आया, जब VAR रिव्यू के बाद रेफरी ने पाया कि पराग्वे के डिएगो गोमेज ने पेनाल्टी बॉक्स के अंदर फ्रांस के डेसिरे डुआरे को गलत तरीके से गिराया था। फ्रांस को मिली इस पेनाल्टी पर कप्तान एम्बापे ने कोई गलती नहीं की और गेंद को गोलकीपर की विपरीत दिशा में नेट के अंदर डाल दिया। इस विनिंग गोल के साथ ही एम्बापे के इस टूर्नामेंट में 7 गोल हो गए हैं और वे गोल्डन बूट की रेस में लियोनेल मेसी के साथ टॉप पर पहुंच गए हैं।





