नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 में इटली की टीम क्वालीफाई करने में नाकाम रही, लेकिन फुटबॉल के सबसे बड़े मंच के फाइनल में इटली की मौजूदगी फिर भी साफ नजर आएगी। दरअसल, अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेले जाने वाले विश्व कप फाइनल में करीब एक दर्जन ऐसे खिलाड़ी और सदस्य शामिल होंगे, जिनकी पारिवारिक जड़ें इटली से जुड़ी हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी की हो रही है। मेसी के पूर्वज इटली के उत्तरी क्षेत्र से अर्जेंटीना आए थे, जबकि स्कालोनी के पास अर्जेंटीना के साथ-साथ इटली की नागरिकता भी है। दोनों लंबे समय से अपनी इतालवी विरासत का जिक्र करते रहे हैं।
इतना ही नहीं, अर्जेंटीना की टीम में कई अन्य खिलाड़ी भी ऐसे हैं जिनके परिवार इटली से आकर दक्षिण अमेरिका में बसे थे। वहीं स्पेन की टीम में भी कुछ खिलाड़ियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि इटली से जुड़ी मानी जाती है। इस तरह भले ही चार बार की विश्व चैंपियन इटली की राष्ट्रीय टीम इस बार विश्व कप का हिस्सा नहीं बन सकी, लेकिन उसकी विरासत फाइनल मुकाबले में पूरी तरह मौजूद रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि 19वीं और 20वीं शताब्दी में इटली से बड़ी संख्या में लोग अर्जेंटीना और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों में जाकर बसे थे। यही वजह है कि आज अर्जेंटीना की आबादी का बड़ा हिस्सा इतालवी मूल का माना जाता है और इसका असर देश की संस्कृति, भाषा, खान-पान के साथ-साथ फुटबॉल पर भी दिखाई देता है।
अब दुनिया की नजरें विश्व कप फाइनल पर हैं, जहां अर्जेंटीना और स्पेन खिताब के लिए भिड़ेंगे। मुकाबला केवल दो टीमों के बीच नहीं होगा, बल्कि यह उन खिलाड़ियों की कहानी भी होगा जिनकी पहचान अलग-अलग देशों से जुड़ी होने के बावजूद उनकी पारिवारिक जड़ें इटली तक पहुंचती हैं।





