संवाददाता ,बीकानेर, 5 जुलाई 2026 । राज्यसभा सांसद एवं भाजपा हरियाणा प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया रविवार को बीकानेर पहुंचे। उन्होंने यहां राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (NRCC) के स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया और केंद्र के वैज्ञानिकों व कर्मचारियों से संवाद किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. पूनिया ने कहा कि राजस्थान की रेगिस्तानी शान और हमारी सांस्कृतिक विरासत की मजबूत पहचान ऊंट है। उन्होंने जोर देकर कहा,“मरुधरा का मान, ऊंट की शान — इसी में राजस्थान की पहचान और आने वाली पीढ़ियों का सम्मान निहित है।”

डॉ. सतीश पूनिया ने समारोह में केंद्र के शोधकर्ताओं और समर्पित कर्मयोगियों की सराहना की तथा ऊंट संरक्षण को राष्ट्रीय महत्व का विषय बताते हुए कहा कि यह केवल पशुपालन नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत को बचाने का मुद्दा है।
राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र की स्थापना: 5 जुलाई 1984 को Project Directorate on Camel के रूप में हुई थी। 20 सितंबर 1995 को इसे पूर्ण National Research Centre on Camel (NRCC) का दर्जा दिया गया। केंद्र ICAR अधीन कार्यरत है।
केंद्र में ऊंटों की विभिन्न नस्लों (बीकानेरी, जैसलमेरी, कच्छी, मेवाड़ी आदि) का संरक्षण और नस्ल सुधार आदि पर काम होता है।
कार्यक्रम में राजस्थान वेटनरी विश्वविधालय बीकानेर के कुलपति डॉ सुमत व्यास सहित अन्य वैज्ञानिकों व कर्मचारियों ने भाग लिया। बीजेपी नेता मोहन पूनिया. बीकानेर देहात बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष जालम सिंह भाटी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।






