नई दिल्ली: अयोध्या के श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी से शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी जहां एक तरफ मामले में सफाई देने में लगी है, वहीं कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी समेत सभी विपक्ष दल बीजेपी सरकार पर लगातार हमला बोले रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मंदिर चढ़ावे के गबन और कथित गड़बड़ियों को लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
कांग्रेस सांसद ने पोस्ट की पीएम को लिखे पत्र की फोटो
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने अपने एक्स अकाउंट पर पीएम मोदी को लिखे पत्र की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि अयोध्या राम मंदिर में हुए बड़े पैमाने पर चंदे की चोरी ने देश को हिलाकर रख दिया है। करोड़ों मासूम भक्तों ने भगवान राम के नाम पर अपनी मेहनत की कमाई दान की थी। जिन्हें 'मर्यादा पुरुषोत्तम' कहा जाता है, उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया और हिंदू आस्था के रक्षक होने का दावा करने वालों ने ही उनकी छवि को धूमिल किया है।
मंदिर में लूट के दौरान जिम्मेदार लोगों ने किया नजरअंदाज
उन्होंने पोस्ट में आगे कहा कि अयोध्या राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, सरकारी जमीन पर और भारत सरकार द्वारा बनाए गए एक पब्लिक ट्रस्ट के जरिए किया गया था। मंदिर के प्रशासन में जो कुछ भी होता है, उसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। चोरी के बारे में अलग-अलग जगहों से कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उन्हें बार-बार नजरअंदाज किया गया और जब करोड़ों रुपयों की लूट हो रही थी, तो जिम्मेदार लोगों ने जान-बूझकर दूसरी तरफ देखा।
मंदिर में चोरी का मामला आम लूट से कहीं ज्यादा गंभीर
उन्होंने आगे कहा कि अब तक हमने SIT की जो कार्रवाई देखी है, वह भी सिर्फ दिखावा है। इसे साफ तौर पर 'बड़े लोगों' को बचाने के लिए ही बनाया गया है। यह आम लूट से कहीं ज्यादा गंभीर मामला है। यह उस तरीके पर चोट करता है जिससे आस्था को भ्रष्ट किया जाता है पहले राजनीतिक फायदे के लिए और फिर पैसे कमाने के लिए।
पीएम मोदी से किया आग्रह
कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि आप इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और उच्चतम न्यायालय की कड़ी निगरानी में किसी उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।


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