नई दिल्ली, 15 अगस्त। देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देशवासियों को राष्ट्र के नाम संबोधित किया। यह प्रधानमंत्री मोदी का लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन है। समारोह में राष्ट्रगान के साथ 21 तोपों की सलामी दी गई। इस वर्ष लाल किले के समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी विशेष आकर्षण रहा।
लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का विजन देश के सामने रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भारत को नई ऊर्जा, नई सोच और नई दिशा के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि जो काम पिछले पांच-सात दशकों में नहीं हो पाया, उसे अगले 5 से 7 वर्षों में पूरा करने के लिए देश को नई शक्ति और गति के साथ काम करना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश को अब पारंपरिक व्यवस्थाओं, सोच और लक्ष्यों में आवश्यक बदलाव करने होंगे। किसान, मजदूर, युवा और उद्यमियों की क्षमता को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को नई ‘धारा’ की जरूरत है और इसी सोच के साथ उन्होंने सप्तधारा का आह्वान किया।
सप्तधारा में सात प्रमुख शक्तियां
प्रधानमंत्री के विजन में पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर है। उन्होंने भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनाने पर जोर दिया। पीएम ने कहा कि भारत को केवल बड़े उत्पाद ही नहीं, बल्कि उनके छोटे-छोटे पुर्जों से लेकर पूरी वैल्यू चेन तक अपने देश में विकसित करनी होगी। उन्होंने गुणवत्ता को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए ‘क्वालिटी, क्वालिटी और क्वालिटी’ पर जोर दिया।
दूसरी शक्ति के तौर पर प्रधानमंत्री ने कृषि और फूड प्रोसेसिंग को महत्व दिया। उन्होंने किसानों की आय और कृषि क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत बताई। इससे किसानों को उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण और बाजार से भी बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।
तीसरी शक्ति टेक्नोलॉजी और इनोवेशन है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। भारत को केवल दुनिया का बाजार बनने के बजाय इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनना होगा। उन्होंने भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यूपीआई जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए अगली पीढ़ी की संचार तकनीक और मेड इन इंडिया 6जी में नेतृत्व का लक्ष्य सामने रखा।
चौथी शक्ति गतिशक्ति और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी है। प्रधानमंत्री ने देश में तेज और आधुनिक कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार को विकसित भारत की आधारशिला बताया। बेहतर सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई संपर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी से देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया गया।
पांचवीं शक्ति रक्षा शक्ति है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा और अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक विकसित करके दुनिया के लिए रक्षा उपकरणों का भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन, हाइपरसोनिक रक्षा तकनीक और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारतीय क्षमता बढ़ाने की जरूरत बताई।
छठी शक्ति हरित और नीली अर्थव्यवस्था है। इसमें स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, समुद्री संसाधनों और ब्लू इकोनॉमी के बेहतर इस्तेमाल पर जोर है। प्रधानमंत्री का संदेश रहा कि विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन और टिकाऊ अर्थव्यवस्था को भी आगे बढ़ाना होगा।
सातवीं शक्ति के रूप में प्रधानमंत्री ने भारत की सॉफ्ट पावर को सामने रखा। भारतीय संस्कृति, योग, परंपरा, पर्यटन, रचनात्मक उद्योगों और वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को आर्थिक एवं रणनीतिक ताकत में बदलने पर जोर दिया गया।
युवाओं को बनाया बदलाव का केंद्र
पीएम मोदी ने कहा कि सप्तधारा की सबसे बड़ी ताकत देश की युवा शक्ति होगी। युवाओं की ऊर्जा, कौशल, प्रतिभा और नवाचार को राष्ट्र निर्माण में बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया की बड़ी युवा आबादी है और यही युवा शक्ति विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि देश को अपनी क्षमता बढ़ानी होगी और अपने हितों की रक्षा खुद करने की सामर्थ्य विकसित करनी होगी।
प्रधानमंत्री का सप्तधारा विजन इस बात पर केंद्रित रहा कि भारत को आने वाले वर्षों में उत्पादन, कृषि, तकनीक, बुनियादी ढांचे, रक्षा, पर्यावरण और सांस्कृतिक प्रभाव—सभी मोर्चों पर एक साथ मजबूत बनाना होगा। इस सात सूत्रीय रोडमैप के जरिए सरकार ने विकसित भारत की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ने का संकल्प सामने रखा है।
‘वंदे मातरम्’ से गूंजा लाल किला
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को विशेष स्थान दिया गया। लाल किले के आधिकारिक समारोह में पहली बार इसका गायन हुआ। प्रधानमंत्री ने देश की एकता, राष्ट्रभावना और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से इसे जोड़ते हुए कहा कि देश के हर नागरिक के दिल में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत होनी चाहिए।
किसानों और श्रमिकों की भूमिका रेखांकित
प्रधानमंत्री ने किसानों, मजदूरों और मेहनतकश वर्ग को देश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, किसानों की क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब गांव, किसान और श्रमिक भी विकास की मुख्यधारा में मजबूती से आगे बढ़ेंगे।
आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और पुनर्वास का भरोसा दिलाया।





