जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के लिए कनिष्ठ विधि अधिकारी (Junior Law Officer) प्रतियोगी परीक्षा-2025 की तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा 26 एवं 27 जुलाई 2026 को जयपुर जिला मुख्यालय पर आयोजित की जाएगी। आयोग ने परीक्षा के प्रवेश-पत्र 23 जुलाई 2026 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल पर जारी करने की घोषणा की है।
आयोग के अनुसार परीक्षा दोनों दिनों में दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। प्रत्येक प्रश्नपत्र में ओएमआर उत्तर-पत्रक के पांचवें विकल्प को भरने के लिए अभ्यर्थियों को 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक के माध्यम से आवेदन क्रमांक एवं जन्मतिथि दर्ज कर प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। इसके अलावा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल के जरिए भी एडमिट कार्ड प्राप्त किया जा सकेगा।
परीक्षा शुरू होने से 60 मिनट पहले तक ही मिलेगा प्रवेश
आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रारंभ होने से 60 मिनट पहले तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा जांच और पहचान प्रक्रिया समय पर पूरी कराने के लिए पर्याप्त समय पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें।
मूल आधार कार्ड अनिवार्य
परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को पहचान के लिए मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) साथ लाना होगा। यदि आधार कार्ड पर फोटो स्पष्ट नहीं है, तो मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे नवीनतम फोटोयुक्त मूल पहचान-पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्रवेश-पत्र पर भी नवीनतम रंगीन फोटो चस्पा करना अनिवार्य रहेगा। स्पष्ट पहचान-पत्र नहीं होने पर परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
दलालों से रहें सावधान, कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
आयोग ने अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी दलाल, बिचौलिए या असामाजिक तत्व के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगता है या किसी प्रकार का प्रलोभन देता है, तो इसकी सूचना प्रमाण सहित आयोग के कंट्रोल रूम 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर दें।
नकल में संलिप्त पाए जाने परआजीवन कारावास का प्रावधान
आयोग ने कहा कि परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने या किसी भी प्रकार की नकल एवं धोखाधड़ी में संलिप्त पाए जाने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना तथा चल-अचल संपत्ति जब्त किए जाने का प्रावधान है।





