नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए हॉर्स-ट्रेडिंग (दल-बदल कराने) की राजनीति कर रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के सांसदों पर दबाव बनाया जा रहा है ताकि सरकार अपने राजनीतिक और विधायी एजेंडे को आसानी से आगे बढ़ा सके।
मीडिया से बातचीत में कपिल सिब्बल ने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान होना चाहिए, लेकिन यदि निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रभावित कर बहुमत जुटाने की कोशिश की जाती है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को कमजोर करने के लिए हर संभव राजनीतिक हथकंडा अपना रही है।
संसद सत्र से पहले तेज हुई बयानबाजी-सिब्बल ने कहा कि मॉनसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक और राष्ट्रीय मुद्दे उठने वाले हैं। ऐसे समय में यदि सरकार संख्या बल बढ़ाने के लिए राजनीतिक जोड़तोड़ करती है, तो इससे संसदीय परंपराओं पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों—महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और राष्ट्रीय सुरक्षा—पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप-कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि भाजपा विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि संसद में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा हासिल करने की रणनीति है, जिससे संवैधानिक संशोधनों सहित बड़े फैसलों का रास्ता आसान हो सके।
भाजपा की ओर से पलटवार-भाजपा नेताओं ने सिब्बल के आरोपों को निराधार और राजनीतिक बयानबाजी करार दिया। पार्टी का कहना है कि भाजपा को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है और विभिन्न दलों के नेता अपनी इच्छा से पार्टी में शामिल हो रहे हैं। भाजपा ने विपक्ष पर अपनी आंतरिक कमजोरियों को छिपाने के लिए ऐसे आरोप लगाने का आरोप लगाया।
मॉनसून सत्र पर रहेगी नजर-संसद का आगामी मॉनसून सत्र कई अहम मुद्दों को लेकर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष जहां सरकार को विभिन्न राष्ट्रीय और आर्थिक मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार भी अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की रणनीति बना रही है। ऐसे में कपिल सिब्बल के इस बयान ने सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।





