नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी में संभावित आतंकी हमले की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए छह संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) और गैंगस्टर शहजाद भट्टी मॉड्यूल से बताया जा रहा है। आरोपियों को दिल्ली और अमृतसर से पकड़ा गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये सभी देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली निवासी दानिश और सलमान को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर की ओर से दिल्ली के किसी संवेदनशील इलाके या पुलिस थाने पर पेट्रोल बम से हमला करने का जिम्मा सौंपा गया था। हमले के बाद पूरी घटना का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने का निर्देश भी दिया गया था, ताकि उसका इस्तेमाल दुष्प्रचार और आतंक फैलाने के लिए किया जा सके।
जांच में सामने आया है कि दानिश को किसी महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठान या थाने पर पेट्रोल बम फेंकना था, जबकि उसका साथी सलमान पूरी वारदात का वीडियो रिकॉर्ड करने वाला था। इस साजिश को अंजाम देने के लिए दोनों रविवार शाम चोरी की मोटरसाइकिल पर तीन पेट्रोल बम लेकर दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, सोमवार तड़के हमला किए जाने की योजना थी, लेकिन इससे पहले ही स्पेशल सेल ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि कालिंदी कुंज क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए तीन अन्य आरोपियों को दानिश और सलमान की मदद करने तथा उन्हें सुरक्षित ठिकाना और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस पूरी आतंकी वारदात के बदले दानिश और सलमान को मात्र 20-20 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इतनी छोटी रकम के लिए दोनों का आतंकी गतिविधि के लिए तैयार हो जाना बेहद चिंताजनक है।
स्पेशल सेल आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मॉड्यूल के तार देश के अन्य राज्यों या विदेशी नेटवर्क से भी जुड़े हैं या नहीं। आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरण और बैंक लेनदेन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी दिल्ली सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया गया और संभावित नुकसान टाल दिया गया। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।




