खैरथल-अलवर में फर्जी IPS बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर, युवक से 10 लाख रुपये की ठगी

ठगों ने पीड़ित से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया। कॉल के दौरान पुलिस की वर्दी में एक व्यक्ति दिखाई दिया और खुद को अधिकारी बताया। ठगों ने पीड़ित को डराते हुए कहा कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है और उस खाते से करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है।

NSI Admin14 Aug 2026, 01:29 PM3 min read
खैरथल-अलवर में फर्जी IPS बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर, युवक से 10 लाख रुपये की ठगी

खैरथल-अलवर। राजस्थान के खैरथल जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी और फर्जी IPS अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और उससे करीब 10 लाख रुपये ठग लिए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, ठगों ने पीड़ित से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया। कॉल के दौरान पुलिस की वर्दी में एक व्यक्ति दिखाई दिया और खुद को अधिकारी बताया। ठगों ने पीड़ित को डराते हुए कहा कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है और उस खाते से करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है।

साइबर अपराधियों ने मामले को गंभीर बताकर पीड़ित को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। इसके बाद उसे लगातार दबाव में रखा गया और डिजिटल अरेस्ट की बात कहकर किसी से संपर्क नहीं करने तथा उनके निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया गया।

वीडियो कॉल पर वर्दी में दिखा ठग

ठगों ने पुलिस अधिकारी की तरह बातचीत करते हुए पीड़ित को विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वह गंभीर अपराध में फंस चुका है। वीडियो कॉल के दौरान पुलिस की वर्दी में व्यक्ति को दिखाकर डर का माहौल बनाया गया। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से पैसे ट्रांसफर कराए गए और कुल करीब 10 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।

पैसे गंवाने के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन के रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने लोगों को किया सावधान

पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार लोगों को डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी से सावधान रहने की अपील करते रहे हैं। किसी भी सरकारी एजेंसी की ओर से वीडियो कॉल पर इस तरह डराकर पैसे ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया नहीं होती। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, CBI, ED या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे की मांग करता है तो तत्काल सतर्क हों और संबंधित विभाग या पुलिस से सीधे संपर्क करें।

यह मामला एक बार फिर बताता है कि साइबर अपराधी सरकारी अधिकारियों की पहचान और वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों में डर पैदा कर रहे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय कॉल काटकर आधिकारिक माध्यम से संबंधित विभाग से जानकारी लेना सबसे सुरक्षित कदम है।

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