न्यूयॉर्क। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले से ठीक पहले एक नई चुनौती सामने आ गई है। अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले महामुकाबले से पहले कनाडा के जंगलों में लगी भीषण आग (Canadian Wildfires) से उठे धुएं ने अमेरिका के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस धुएं के कारण न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के आसमान में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जिससे विश्व कप फाइनल के आयोजन को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कनाडा के कई प्रांतों में पिछले कई दिनों से जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। तेज हवाओं के कारण इसका धुआं अमेरिका के पूर्वोत्तर हिस्सों तक पहुंच गया है। रिपोर्टों के अनुसार, धुएं का असर अमेरिका के 18 राज्यों में देखा जा रहा है। न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, पेनसिल्वेनिया और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता (Air Quality Index) लगातार खराब बनी हुई है।
फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी क्षेत्र के स्टेडियम में खेला जाना है। ऐसे में आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन लगातार मौसम और वायु गुणवत्ता पर नजर बनाए हुए हैं। यदि प्रदूषण का स्तर निर्धारित सुरक्षा मानकों से ऊपर जाता है, तो खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों की आग से निकलने वाले सूक्ष्म कण (PM2.5) सांस संबंधी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी इसका असर पड़ सकता है, विशेष रूप से उन खिलाड़ियों पर जिन्हें पहले से सांस या एलर्जी संबंधी परेशानी है।
हालांकि, आयोजकों ने फिलहाल फाइनल मुकाबले के कार्यक्रम में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है। मौसम विभाग और पर्यावरण एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। यदि हालात में सुधार होता है तो मैच तय समय पर खेला जाएगा, जबकि स्थिति गंभीर होने पर आवश्यक स्वास्थ्य और सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं।
दुनियाभर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की नजर अब केवल अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले पर ही नहीं, बल्कि मौसम और वायु गुणवत्ता की स्थिति पर भी टिकी हुई है। आयोजकों को उम्मीद है कि फाइनल से पहले परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी और दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल मुकाबला बिना किसी व्यवधान के संपन्न होगा।





