लंदन: इंग्लैंड ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे मुकाबले में भारत के सामने जीत के लिए 388 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबान टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 387 रन बनाए और कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।
यह लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे क्रिकेट का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। इससे पहले इस ऐतिहासिक मैदान पर किसी भी टीम ने वनडे में 350 रन का आंकड़ा नहीं छुआ था। इंग्लैंड ने पहली बार यहां 350 से अधिक रन बनाकर नया इतिहास रच दिया।
शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने जमकर की रन बरसात-इंग्लैंड की पारी की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। सलामी बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत देते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। इसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने भी रनगति को लगातार बनाए रखा और बड़े शॉट्स लगाते हुए स्कोर को 387 तक पहुंचा दिया।
इस मैच में हैरी ब्रूक को छोड़कर इंग्लैंड के लगभग सभी प्रमुख बल्लेबाजों ने उपयोगी और तेजतर्रार पारियां खेलीं। बल्लेबाजों ने साझेदारियां बनाते हुए भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को पूरे मैच में दबाव में रखा।
भारत के खिलाफ चौथा सबसे बड़ा वनडे स्कोर-इंग्लैंड का 387/3 भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट में उसका चौथा सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। बल्लेबाजों ने पूरे 50 ओवर तक आक्रामक रवैया अपनाया और भारतीय गेंदबाजों को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया।
भारतीय गेंदबाज रहे बेअसर-भारतीय गेंदबाज पूरे मैच में लय हासिल नहीं कर सके। शुरुआती विकेट जल्दी नहीं मिलने का फायदा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने उठाया। डेथ ओवरों में भी रन रोकने में भारतीय गेंदबाज सफल नहीं रहे, जिससे इंग्लैंड अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने में कामयाब रहा।
भारत के सामने कठिन चुनौती-387 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत से ही आक्रामक और संयमित बल्लेबाजी करनी होगी। लक्ष्य बड़ा होने के कारण टीम इंडिया पर शुरुआत से रन गति बनाए रखने का दबाव रहेगा। यदि शीर्ष क्रम लंबी साझेदारी करता है तो भारत मुकाबले में वापसी कर सकता है, लेकिन इंग्लैंड के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने यह आसान नहीं होगा।
अब सभी की निगाहें भारतीय बल्लेबाजी पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया लॉर्ड्स के मैदान पर इस ऐतिहासिक लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर नया रिकॉर्ड बना पाएगी।





