नई दिल्ली, 12 अगस्त। संसद के मानसून सत्र में आज बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में महत्वपूर्ण विधायी एवं राजनीतिक कामकाज होने वाला है। दोनों सदनों में सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष की ओर से विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी है।
लोकसभा में पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कथित नकदी मामले की जांच समिति की रिपोर्ट पेश किया जाना आज की कार्यवाही के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में शामिल है। इस रिपोर्ट को लेकर संसद के भीतर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है।
लोकसभा में जस्टिस वर्मा जांच रिपोर्ट होगी पेश
लोकसभा की बुधवार की कार्यसूची में यशवंत वर्मा मामले की जांच समिति की रिपोर्ट पेश किया जाना प्रमुख है। तीन सदस्यीय समिति ने सरकारी आवास से कथित तौर पर बेहिसाब नकदी मिलने के आरोपों की जांच की थी। रिपोर्ट दो खंडों में है और इसे सदन के पटल पर रखे जाने के बाद मामले पर आगे की संसदीय प्रक्रिया का रास्ता साफ होगा।
इस मामले को लेकर पहले से ही राजनीतिक और न्यायिक हलकों में चर्चा है। रिपोर्ट में जांच समिति के निष्कर्ष क्या हैं और आगे किस तरह की कार्रवाई की दिशा बनती है, इस पर आज सभी की नजर रहेगी।
खनन कानून में संशोधन पर भी नजर
लोकसभा में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 भी महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे में है। इस विधेयक के जरिए खनन क्षेत्र से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों में बदलाव प्रस्तावित हैं। खनिज क्षेत्र में केंद्र और राज्यों की भूमिका, खनन गतिविधियों तथा राजस्व से जुड़े प्रावधानों को लेकर यह विधेयक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खनन क्षेत्र से जुड़े इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राज्यों के अधिकार और खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।
राज्यसभा में भी महत्वपूर्ण विधायी कामकाज
राज्यसभा में भी सरकार के कई विधायी प्रस्तावों पर कामकाज प्रस्तावित है। संसद के मौजूदा एजेंडे में केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने से संबंधित विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) में संशोधन से जुड़ा विधेयक प्रमुख हैं। केरल के नाम परिवर्तन वाले विधेयक का उद्देश्य राज्य के आधिकारिक नाम को ‘केरलम’ करना है।
NCDC से जुड़े संशोधन का उद्देश्य निगम की वित्तीय सहायता संबंधी क्षमताओं को बढ़ाना है। इसके तहत सहकारी समितियों को ऋण और अनुदान उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रस्ताव है।
हालांकि, इन दोनों विधेयकों पर संसद में राजनीतिक विरोध भी देखने को मिला है। इससे पहले विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने इन विधेयकों को बिना विस्तृत बहस के पारित किया था।
FCRA संशोधन विधेयक भी चर्चा में
इसके अलावा विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA में संशोधन से जुड़े विधेयक को लेकर भी सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं। विधेयक के प्रावधानों और इसे आगे की जांच के लिए संसदीय समिति के पास भेजने के सवाल पर राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं।
विपक्ष इस विधेयक को लेकर सरकार से विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से विधेयक को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में सदन में इस मुद्दे पर भी सियासी टकराव देखने को मिल सकता है।
विपक्ष के विरोध से हंगामे के आसार
मानसून सत्र के अंतिम दौर में पहुंचने के साथ ही सरकार लंबित विधायी कामकाज पूरा करने पर जोर दे रही है। दूसरी ओर विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। पिछले दिनों भी विपक्षी सदस्यों के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा में विधेयक पारित किए गए।
ऐसे में आज दोनों सदनों में कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना सरकार और विपक्ष दोनों के लिए चुनौती होगी। लोकसभा में जस्टिस यशवंत वर्मा जांच रिपोर्ट की प्रस्तुति और खनन कानून से जुड़ा विधेयक, जबकि राज्यसभा में केरल के नाम परिवर्तन और सहकारी क्षेत्र से जुड़े विधेयक आज की कार्यवाही के प्रमुख केंद्र में रहेंगे।





