नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ है। विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और बवाल के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को पूरे दिन के स्थगित कर दिया गया है। हंगामे की वजह से प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं भी नहीं चल सके। इधर राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े प्रदर्शनकारी संसद भवन के पास पहुंच गए जिसके बाद संसद के मुख्य द्वार को कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा। हालांकि बाद में प्रदर्शनकारियों को संसद भवन के पास से हटा दिया गया।
इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सुबह 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने के बाद सदन के छह पूर्व सदस्यों और कतर के पूर्व अमीर के निधन की सूचना दी और सांसदों ने कुछ क्षण मौन रखकर दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अलग-अलग मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस के कुछ सांसदों को नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ छात्रों की मौत के मामलों को उठाते हुए उन्हें भी श्रद्धांजलि दिए जाने की मांग करते हुए सुना गया। इस बीच अध्यक्ष बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया लेकिन विपक्षी दलों के सांसद चेयर के पास आकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा। इधर राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी छात्र प्रदर्शकारियों के समर्थन में आवाज उठाई और कहा कि हजारों छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
संसद भवन के द्वार किए गए बंद
इधर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों की भीड़ को देखते हुए सोमवार को संसद के कुछ द्वार थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि कांस्टीट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। संसद के निकट कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। संसद के एक अधिकारी ने बताया कि संसद के कुछ द्वार थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए थे। लोकसभा में कुछ सदस्यों ने संसद के गेट बंद करने का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि कई सदस्यों को संसद परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। इस पर आसन पर मौजूद जगदंबिका पाल ने कहा कि सांसदों को प्रवेश की पूरी अनुमति दी जा रही है।





