नई दिल्ली। नीट परीक्षा पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन बुधवार शाम एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया। देर शाम प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों द्वारा पुलिस पर पथराव और खाली बोतलें फेंके जाने की घटना सामने आई, जिसमें दिल्ली पुलिस के पांच जवान घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे कुछ लोगों ने अचानक पुलिसकर्मियों पर पत्थर और खाली बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। इस दौरान कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत भी घायल हो गए। उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तत्काल राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
उधर, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की है। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा और इस मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बारिश के बीच भी जुटी बड़ी भीड़
बुधवार को हल्की बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का जुटना लगातार जारी रहा। सुबह से ही लोग धरनास्थल पर पहुंचने लगे और दोपहर तक भीड़ काफी बढ़ गई। दोपहर करीब 2 बजे तक पूरा धरनास्थल प्रदर्शनकारियों से भर गया। कई प्रदर्शनकारी बैरिकेड और पेड़ों पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दिए। पुलिस अधिकारियों ने बार-बार उनसे ऐसा न करने की अपील की और चेतावनी दी कि इससे दुर्घटना हो सकती है, लेकिन कई प्रदर्शनकारी अपनी जगह पर डटे रहे।
जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बढ़ते तनाव को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी। बुधवार सुबह करीब 11:45 बजे सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उनके पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
मधुर वर्मा ने बताया कि जंतर-मंतर पर 500 से अधिक दिल्ली पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जबकि रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त टुकड़ियां भी मौके पर मौजूद रहीं। पूरे संसद मार्ग क्षेत्र में करीब 1,000 पुलिसकर्मियों और RAF के जवानों को तैनात किया गया। संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर दंगा नियंत्रण वाहन, आंसू गैस छोड़ने वाली गाड़ियां और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। बुधवार शाम हुई हिंसक घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।





