नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही सोमवार सुबह निर्धारित समय पर शुरू हो गई। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की बैठक आरंभ होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव की संभावना नजर आने लगी। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंचे और मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है तथा सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा करती है।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ने नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया और आवश्यक संसदीय कार्यवाही आगे बढ़ाई। वहीं राज्यसभा में सभापति ने सदन की कार्यवाही संचालित करते हुए प्रश्नकाल और अन्य निर्धारित कार्यों को शुरू कराया।
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, कृषि, कानून-व्यवस्था, सीमावर्ती सुरक्षा, विभिन्न राज्यों के मुद्दों तथा हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कई विपक्षी दलों ने इन विषयों पर चर्चा कराने और सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बनाई है।
दूसरी ओर सरकार की ओर से इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और वित्तीय कार्यों को सदन के सामने रखा जाना है। संसदीय कार्य मंत्री ने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए सकारात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की है।
संसद परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। संसद मार्ग, विजय चौक और जंतर-मंतर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत की गई है।
संसदीय कार्यवाही के पहले दिन सत्ता पक्ष जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा, वहीं विपक्ष जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। ऐसे में मानसून सत्र के शुरुआती दिन से ही दोनों सदनों में तीखी बहस और हंगामे के आसार बने हुए हैं।





