नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाज़ी के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। सदन की बैठक शुरू होते ही विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद अपने-अपने मुद्दों को लेकर वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी शुरू कर दी।
लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने की कई बार अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य लगातार विरोध प्रदर्शन करते रहे। सदन में शोर-शराबा बढ़ने के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
हंगामा थमता नहीं देख लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सरकार की ओर से सदन का कामकाज सामान्य रूप से चलाने और विपक्ष से चर्चा के माध्यम से अपनी बात रखने की अपील की गई थी।
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, किसानों के मुद्दों, सीमाई सुरक्षा और अन्य राजनीतिक विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरा। वहीं सरकार ने कहा कि वह सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और चाहती है कि संसद की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के चले।
उधर, राज्यसभा में भी विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। संसद परिसर के बाहर भी कई संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
अब सभी की नजरें दोपहर 12 बजे के बाद लोकसभा की दोबारा शुरू होने वाली कार्यवाही पर हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनती है या मानसून सत्र के पहले दिन का हंगामा आगे भी जारी रहता है।





