नई दिल्ली/ग्लास्गो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। रविवार को भारत की अनुभवी वेटलिफ्टर बिंदियारानी देवी ने महिलाओं के 58 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीतकर देश के पदकों की संख्या में एक और इजाफा किया। उनके दमदार प्रदर्शन के साथ ही मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों में वेटलिफ्टिंग में भारत का यह पांचवां पदक बन गया है।
बिंदियारानी देवी ने पूरे मुकाबले के दौरान आत्मविश्वास और अनुभव का बेहतरीन प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले में उन्होंने अपने सफल प्रयासों के दम पर तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से भारतीय दल का मनोबल और मजबूत हुआ है।
भारतीय वेटलिफ्टरों का लगातार शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय भारोत्तोलकों ने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया है। भारत के पदक अभियान की शुरुआत स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर की थी।
इसके बाद पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में ऋषिकांत सिंह ने रजत पदक हासिल किया, जबकि 65 किलोग्राम वर्ग में मुथुपंडी राजा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता।
रविवार को ही महिलाओं के 53 किलोग्राम भारवर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाया। अब बिंदियारानी देवी के कांस्य पदक के साथ वेटलिफ्टिंग में भारत का कुल पदक आंकड़ा पांच तक पहुंच गया है।
पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत
भारतीय वेटलिफ्टरों के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन से कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में भारत की स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है। खिलाड़ियों की इस सफलता ने यह साबित किया है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय भारोत्तोलन नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
बिंदियारानी देवी की इस उपलब्धि पर देशभर से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों ने उनके संघर्ष, मेहनत और शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए एक और बड़ी उपलब्धि बताया है।
भारतीय दल को अब आगामी मुकाबलों में भी पदकों की उम्मीद है और खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देशवासियों की स्वर्णिम सफलता की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।





