नई दिल्ली। एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम पूरी तरह तैयार है। बेल्जियम और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में 15 से 30 अगस्त तक होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत अपने अभियान की शुरुआत शनिवार को वेल्स के खिलाफ करेगा। भारत को पूल-डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ रखा गया है।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम इस बार लंबे समय से चले आ रहे विश्व कप पदक के इंतजार को खत्म करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। भारत ने आखिरी बार 1975 में हॉकी विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद से टीम विश्व कप में पोडियम फिनिश हासिल नहीं कर सकी है। पिछले दो विश्व कप, जो भारत में आयोजित हुए थे, उनमें टीम को छठे और नौवें स्थान से संतोष करना पड़ा था। हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि टीम इस बार दबाव से ज्यादा जिम्मेदारी की भावना के साथ खेल रही है और उसका लक्ष्य देश के लिए पदक जीतना है।
भारतीय टीम ने टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारियों में आक्रमण और रक्षात्मक खेल दोनों पर विशेष ध्यान दिया है। कप्तान हरमनप्रीत के साथ टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का संतुलन रखा गया है। हॉकी इंडिया द्वारा घोषित 20 सदस्यीय टीम में हरमनप्रीत सिंह को कप्तान बनाया गया है।
भारत का पहला मुकाबला 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ अम्स्टेलवीन स्थित वैगनर स्टेडियम में होगा। इसके बाद भारतीय टीम 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बहुप्रतीक्षित मैचों में शामिल है।
इस विश्व कप में टूर्नामेंट का प्रारूप भी बदला गया है। पारंपरिक क्वार्टर फाइनल की जगह नया तीन चरणों वाला प्रारूप लागू किया गया है, जिसके बाद सेमीफाइनल और पदक मुकाबले होंगे। ऐसे में शुरुआती चरण में प्रत्येक मुकाबला भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन भी खिलाड़ियों की तैयारियों और टीम के प्रदर्शन को लेकर आशावादी हैं। उनका कहना है कि टीम का लक्ष्य केवल मुकाबले जीतना नहीं, बल्कि विश्व कप में भारत के लिए एक नया इतिहास लिखना है। 51 साल से चले आ रहे पदक के इंतजार को समाप्त करने के लिए टीम को मजबूत शुरुआत के साथ पूरे टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन करना होगा।
भारतीय हॉकी प्रेमियों की नजर अब 15 अगस्त को होने वाले पहले मुकाबले पर है। टीम के सामने शुरुआत से ही कठिन चुनौती होगी, लेकिन हाल के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण भारत से इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।





