नई दिल्ली। भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विश्व खेल जगत में नया इतिहास रचते हुए वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का महिला एकल खिताब अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे देश में खुशी की लहर है और खेल जगत में इसे भारतीय स्क्वैश के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
फाइनल मुकाबले में अनाहत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी को सीधे गेमों में हराया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने बेहतरीन तकनीक, आत्मविश्वास और संयम का परिचय दिया। उनकी तेज़ रफ्तार, सटीक शॉट्स और आक्रामक खेल के सामने विरोधी खिलाड़ी टिक नहीं सकीं।
अनाहत की इस उपलब्धि को भारतीय स्क्वैश के इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। अब तक कोई भी भारतीय खिलाड़ी विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के महिला एकल वर्ग में यह प्रतिष्ठित खिताब नहीं जीत सकी थी। अनाहत ने इस कमी को दूर करते हुए देश का नाम विश्व पटल पर रोशन कर दिया।
इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अनाहत सिंह को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने लिखा कि अनाहत ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण से इतिहास रचा है तथा उनकी सफलता देश के लाखों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी।
राष्ट्रपति, केंद्रीय खेल मंत्री, भारतीय स्क्वैश महासंघ, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और देशभर के खेल प्रेमियों ने भी अनाहत सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनाहत सिंह की यह सफलता भारत में स्क्वैश को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की दावेदारी और मजबूत होगी।
अनाहत सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी विश्व के किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। उनकी यह जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और भारतीय खेल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगी।





