कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि पार्टी में उनकी उपेक्षा जारी रही और अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को ही आगे बढ़ाया गया, तो वह भी पार्टी छोड़ने पर विचार करेंगे।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से ममता बनर्जी के साथ हैं, लेकिन पार्टी को लेकर अंतिम फैसला अब ममता बनर्जी को करना होगा। उन्होंने कहा, "दीदी तय करें कि उन्हें अभिषेक बनर्जी चाहिए या मेरे जैसे पुराने कार्यकर्ता। यदि पार्टी अभिषेक के बिना नहीं चल सकती, तो मैं अपना रास्ता अलग कर लूंगा।"
अभिषेक बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप-कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर वरिष्ठ नेताओं का सम्मान न करने और एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए अभिषेक की कार्यशैली भी जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वह अब अभिषेक बनर्जी से जुड़े कानूनी मामलों की पैरवी नहीं करेंगे।
पार्टी में पहले से जारी है असंतोष-टीएमसी इन दिनों कई नेताओं और सांसदों के असंतोष का सामना कर रही है। हाल के दिनों में कई नेताओं ने पार्टी छोड़ी है, जबकि कुछ सांसदों ने लोकसभा में अलग बैठने की मांग भी की है। इससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं।
ममता के सामने बड़ी चुनौती-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ और पुराने नेता की सार्वजनिक नाराजगी ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ममता बनर्जी इस विवाद को कैसे संभालती हैं और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को रोकने के लिए क्या कदम उठाती हैं।



