काबुल/नूरिस्तान: अफगानिस्तान के पूर्वी नूरिस्तान प्रांत में मूसलाधार बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 80 लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं 100 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है।
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ANDMA) के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अचानक आई बाढ़ के कारण नूरिस्तान प्रांत में बड़े पैमाने पर जनहानि हुई है। कई गांवों का संपर्क सड़क मार्ग से टूट गया है, जिससे शुरुआती चरण में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुए।
जानकारी के अनुसार, लगातार हुई भारी बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्रों से तेज बहाव के साथ पानी निचले इलाकों में पहुंच गया। देखते ही देखते कई गांव जलमग्न हो गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका भी नहीं मिल सका। बाढ़ की चपेट में आने से कई मकान, सड़कें, पुल और अन्य स्थानीय ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। तेज बहाव के कारण बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रांतीय आपदा प्रबंधन विभाग, स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गईं। बचावकर्मियों ने घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया है। साथ ही लापता लोगों की तलाश और मृतकों के शवों को निकालने का अभियान लगातार जारी है। कई स्थानों पर स्थानीय नागरिक भी प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
यूसुफ हम्माद ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों का इलाज कराने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर है। इसके साथ ही नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मृतकों, घायलों और संपत्ति के नुकसान से जुड़े अंतिम आंकड़े सर्वेक्षण और जांच पूरी होने के बाद ही जारी किए जाएंगे।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में हर वर्ष मानसून और बारिश के मौसम के दौरान अचानक बाढ़ तथा भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं बड़ी चुनौती बनकर सामने आती हैं। देश के पहाड़ी इलाकों में कमजोर बुनियादी ढांचा, सीमित जल निकासी व्यवस्था और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ऐसे हादसों में जान-माल का नुकसान अधिक होता है।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने और सामान्य स्थिति बहाल करने पर है। अधिकारियों का कहना है कि खोज एवं बचाव अभियान जारी है और जैसे-जैसे मलबा हटाने का काम आगे बढ़ेगा, मृतकों और प्रभावित लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।





