नई दिल्ली,स्पोर्ट्स डेस्क। फीफा विश्व कप 2026 का खिताब जीतने के साथ ही स्पेन ने न केवल फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम की, बल्कि उस पर इनामी राशि की भी जमकर बारिश हुई। फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनी स्पेन को 5.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹481.43 करोड़) की पुरस्कार राशि मिली। वहीं, फाइनल में हारने के बावजूद अर्जेंटीना को भी उपविजेता के रूप में 4 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब ₹343.87 करोड़) का पुरस्कार मिला।
स्पेन ने जीती ट्रॉफी और करोड़ों की इनामी राशि-विश्व कप 2026 के रोमांचक फाइनल में स्पेन ने अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ स्पेन ने दूसरी बार फीफा विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। ट्रॉफी के साथ स्पेनिश फुटबॉल महासंघ को 5.6 करोड़ डॉलर (लगभग ₹481,42,52,500) की रिकॉर्ड पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई।
हार के बावजूद अर्जेंटीना को मिला बड़ा इनाम-गत विश्व चैंपियन अर्जेंटीना फाइनल में खिताब बचाने में सफल नहीं रही, लेकिन टीम का शानदार प्रदर्शन उसे खाली हाथ नहीं लौटने दिया। उपविजेता के रूप में अर्जेंटीना को 4 करोड़ डॉलर (लगभग ₹343.87 करोड़) की इनामी राशि मिली। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम ने लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल में जगह बनाई थी।
खिलाड़ियों को भी मिलेगा हिस्सा-फीफा द्वारा दी गई पुरस्कार राशि संबंधित देशों के फुटबॉल महासंघों को दी जाती है। इसके बाद प्रत्येक महासंघ अपनी नीति के अनुसार खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ के बीच बोनस का वितरण करता है। ऐसे में स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को भी इस पुरस्कार राशि का हिस्सा मिलने की संभावना है।
विश्व कप 2026 की बढ़ी पुरस्कार राशि-फीफा ने इस बार विश्व कप की कुल पुरस्कार राशि में भी बढ़ोतरी की। इसका उद्देश्य विश्व फुटबॉल को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना तथा सभी भाग लेने वाली टीमों को बेहतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। नॉकआउट चरण तक पहुंचने वाली टीमों को भी प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग इनामी राशि दी गई।
स्पेन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि-विश्व कप 2026 का खिताब और करोड़ों रुपये की पुरस्कार राशि स्पेनिश फुटबॉल के लिए दोहरी खुशी लेकर आई। दूसरी ओर, अर्जेंटीना भले ही ट्रॉफी से चूक गई, लेकिन फाइनल तक का शानदार सफर और करोड़ों रुपये की इनामी राशि टीम के लिए बड़ी उपलब्धि रही।
विश्व कप 2026 के समापन के साथ स्पेन ने खेल के मैदान में अपनी श्रेष्ठता साबित की, जबकि आर्थिक रूप से भी यह टूर्नामेंट दोनों फाइनलिस्ट टीमों के लिए बेहद लाभदायक साबित हुआ।





