नई दिल्ली,नेशनल ङेस्क। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया। प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रदर्शनकारियों के बीच जश्न का माहौल
इस्तीफे की खबर के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों के बीच जश्न का माहौल देखा गया। CJP के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा और दो अतिरिक्त मांगें पूरी करनी होंगी—पहली, कथित पेपर लीक विवाद और उससे जुड़ी परिस्थितियों में जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए; दूसरी, 20 जुलाई को हुए पुलिस एक्शन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, “डरने की जरूरत नहीं… याद रखना, कॉकरोच से पंगा मत लेना।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में बयान देने और छात्रों से माफी मांगने की मांग की, जबकि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत करते हुए आंदोलन को कमजोर न होने देने की अपील की।
धर्मेंद्र प्रधान का भावुक पत्र-शिक्षा मंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में धांधली के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए थे और परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित कराई गई। 21 जून को पुनः परीक्षा कराई गई और 16 जुलाई को परिणाम जारी किए गए। उन्होंने आगे लिखा-
अगले कदम-
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच अगला दौर संवाद अहम होगा—CJP ने स्पष्ट किया है कि मांगें माने बिना धरना खत्म नहीं होगा। संसद सत्र के दौरान शिक्षा तंत्र में व्यापक सुधार और NTA/परीक्षा प्रणाली पर बहस तेज रहने की संभावना। 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई की जांच और जवाबदेही पर नज़र रहेगी।





