नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कहा कि संसद तक 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी "बेकाबू, आक्रामक और हिंसा" थे, जबकी अभिजीत डुबकी के नेतृत्व वाले इस संगठन ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया। सीजेपी का दावा है कि महिलाएं और बच्चों के साथ मारपीट की गई, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद तक मार्च करने से रोकने के लिए दिन भर उन पर लाठियां बरसाईं।
पुलिस के बयान के अनुसार, बार-बार चेतावनी और कानून निर्देश दिए जाने के बावजूद, प्रदर्शंकारी "वहां से हटने को तैयार नहीं थे और उन्हें जानबुझकर लागू (निषेधाज्ञा) का उल्लंघन किया"। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और अन्य चीजों से "हमला" किया, पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिस और अन्य सरकारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और "बड़े पैमाने पर हिंसा की, जिससे कानून-व्यवस्था, सुरक्षा" व्यवस्था और अपनी कानून ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया।

बयान में कहा गया, "इसके परिणमस्वरूप, 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें विशेष पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त रैंक के वरिष्ठ अधिकारी और कई महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। हाथपाई के दौरान, लगभाग 60 पत्रकारों के भी घायल होने की खबर है। बाकी घायल पुलिसकर्मियों की मेडिको-लीगल जांच (एमएलसी) चल रही है।"
पुलिस का दावा है कि 15 से 20 सरकारी गाडि़यों और अन्य सरकारी संपत्तियों में तोड़-फोड़ की गई।बयान में आगे कहा गया, "लगभाग 70 प्रदर्शनकारियों को विरासत में लिया गया है और कानून की पालन शुरू की जा रही है, और दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और विरोध प्रदर्शन के दौरन किए गए अन्य अधिकारी के लिए भारतीय न्याय संहिता और अन्य लागू कानून की संबन्धित धराओं के तथा एफआईआर दर्ज की जा रही है।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और पार्टी के संस्थापक अभिजीत डुबके ने सोनम वांगचुक की पत्नी से मुलाकात की, आरोप लगाया कि गीतांजलि आंग्मो के साथ दिल्ली पुलिस ने मारपीट की औरइस दौरान उनके बाल खींचे गए। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों और हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए वांगचुक को विरोध स्थल जंतर मंतर से हटा दिया और अस्पताल में भर्ती करा दिया था ।
CJP ने सफदरजंग अस्पताल से एक्टिविस्ट का हाथ से लिखा नोट शेयर करते हुए कहा, "प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बरता के जवाब में सोनम वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है।"CJP ने यह भी दावा किया कि महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़े फाड़े गए। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताया।
X पर एक फैक्ट-चेक पोस्ट में पुलिस ने कहा, "यह जानकारी गलत है। पोस्ट में किए जा रहे दावे सच नहीं हैं। कृपया गलत या गुमराह करने वाली जानकारी न फैलाएं और न ही उसे आगे बढ़ाएं।"





