नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने की दिशा में बातचीत का पहला दौर पूरा हो गया। सीजेपी के दो प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी की ओर से तैयार 3 सूत्रीय मांगपत्र उन्हें सौंपा।
बैठक से पहले CJP ने दावा किया था कि केंद्र सरकार ने बातचीत के लिए उन्हें आमंत्रित किया है और इसी सिलसिले में उनके दोनों प्रतिनिधि जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। पार्टी ने इसे आंदोलन के मुद्दों पर सरकार के साथ औपचारिक संवाद की शुरुआत बताया।
हालांकि बैठक समाप्त होने के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर CJP के दावे से अलग तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि बातचीत की पहल सरकार की ओर से नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों की ओर से की गई थी। उनके अनुसार प्रदर्शनकारियों ने संवाद की इच्छा जताई, जिसके बाद उन्हें मिलने का समय दिया गया और उनकी मांगों को सुना गया।

सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान CJP प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष अपनी तीन प्रमुख मांगें विस्तार से रखीं और मांगपत्र सौंपते हुए उन पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, लेकिन किसी भी मांग पर तत्काल सहमति बनने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बैठक के बाद CJP नेताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। वहीं सरकार की ओर से फिलहाल केवल इतना कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों की बात सुनी गई है और प्रस्तुत मांगपत्र का परीक्षण किया जाएगा।
बातचीत के पहले दौर के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों पक्षों के बीच आगे भी वार्ता जारी रहेगी और प्रदर्शन समाप्त करने को लेकर कोई ठोस समाधान निकल पाएगा। फिलहाल, बैठक की पहल किसकी ओर से हुई, इस मुद्दे पर CJP और सरकार के दावों में स्पष्ट मतभेद देखने को मिला है।





