नई दिल्ली, 23 अगस्त। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वास्थ्य को केवल सामाजिक कल्याण का विषय नहीं, बल्कि देश की आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की उत्पादकता और आर्थिक विकास के लिए स्वस्थ नागरिकों का होना बेहद जरूरी है। बदलती जीवनशैली के बीच गैर-संचारी रोगों की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए निवारक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर और अन्य गैर-संचारी रोग लंबे समय तक उपचार और देखभाल की मांग करते हैं। इन बीमारियों का असर केवल व्यक्ति और उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे कार्यक्षमता, रोजगार और उत्पादकता भी प्रभावित होती है। ऐसे में बीमारी का इलाज करने के साथ-साथ उसे रोकने पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है।
बीमारी की रोकथाम पर हो ज्यादा जोर
रक्षा मंत्री ने निवारक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। समय रहते बीमारी की पहचान होने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का लक्ष्य केवल अस्पतालों और इलाज की सुविधाओं का विस्तार करना नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों को बीमारी से बचाने और स्वस्थ रखने पर भी केंद्रित होना चाहिए।
स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था का सीधा संबंध
राजनाथ सिंह के अनुसार स्वस्थ आबादी देश की आर्थिक क्षमता को मजबूत करती है। जब नागरिक स्वस्थ रहते हैं तो उनकी कार्यक्षमता बढ़ती है, काम से अनुपस्थिति कम होती है और परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ भी घटता है। इसका सीधा असर देश की उत्पादकता और आर्थिक विकास पर पड़ता है।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार, निजी क्षेत्र, चिकित्सा विशेषज्ञों और आम नागरिकों के बीच समन्वय को आवश्यक बताया। साथ ही तकनीक और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की जरूरत पर भी बल दिया।
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ स्वस्थ नागरिक भी जरूरी हैं। इसलिए स्वास्थ्य को राष्ट्रीय विकास की व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देना समय की मांग है।





