नई दिल्ली। नीट परीक्षा विवाद और उसके विरोध में जारी छात्र आंदोलनों के बीच सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच लगभग चार घंटे तक लंबी बैठक हुई। बैठक ऐसे समय हुई जब संसद के मानसून सत्र के पहले दिन NEET मुद्दे को लेकर विपक्ष और छात्र संगठनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में NEET विवाद से जुड़े घटनाक्रम, छात्रों के विरोध प्रदर्शन, संसद में सरकार की रणनीति तथा आगे की प्रशासनिक और राजनीतिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल रहे। हालांकि सरकार की ओर से बैठक के एजेंडे या निर्णयों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
इसी बीच, प्रदर्शनकारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित अपनी प्रमुख मांगें रखीं। प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें तत्काल कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, हालांकि सरकार ने उनकी मांगों पर उच्च स्तर पर विचार का भरोसा दिया है।
उधर, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन भी NEET विवाद को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
सरकार की ओर से अब तक बैठक के बाद किसी नए फैसले या आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे NEET विवाद और उससे उपजे हालात पर सरकार की उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है।





