नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह सोमवार से शुरू हो गया है और पहले ही दिन परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा संसद में जोरदार ढंग से उठने के आसार हैं। केंद्र सरकार लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक पेश करेगी। इस विधेयक का उद्देश्य विभिन्न सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर और अधिक प्रभावी ढंग से रोक लगाना है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सदन में यह संशोधन विधेयक पेश करेंगे। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाया जाएगा, ताकि लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
विपक्ष का सरकार पर हमला
वहीं कांग्रेस समेत विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में हैं। विपक्ष का आरोप है कि देशभर में लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और सरकार समय रहते प्रभावी कदम उठाने में विफल रही। विपक्षी नेताओं का कहना है कि केवल कानून में संशोधन पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार भी आवश्यक हैं।
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह लोकसभा में इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा की मांग करेगी। पार्टी का कहना है कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि अब तक सामने आए पेपर लीक मामलों में कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए।
सरकार बताएगी संशोधन की जरूरत
सरकार की ओर से यह तर्क दिया जाएगा कि मौजूदा कानून को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधन आवश्यक है। प्रस्तावित बदलावों के जरिए डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने तथा संगठित तरीके से पेपर लीक और नकल कराने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा।
हंगामेदार रहने के आसार
संसद के दूसरे सप्ताह की शुरुआत ही इस अहम विधेयक से होने के कारण सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना है। एक ओर सरकार इसे युवाओं के हित में बड़ा सुधार बता रही है, वहीं विपक्ष इस बहाने परीक्षा प्रणाली की विफलताओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। यह नोटिस 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग, पेलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल और महिला छात्रों पर हमले पर तुरंत चर्चा करने के लिए दिया गया है। साथ ही, इसमें केंद्रीय गृह मंत्री से जिम्मदारी तय करने और पुलिस कार्रवाई के अधिकार के बारे में विस्तृत बयान देने, और प्रधानमंत्री से सदन को यह भरोसा दिलाने वाला बयान देने की मांग की गई है कि शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाएगी।





