नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026 । संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान (एमबीजेड) ने सोमवार, 19 जनवरी 2026 को भारत की एक संक्षिप्त लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हुई यह यात्रा मात्र तीन घंटे की थी, लेकिन इसमें दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, परमाणु, व्यापार और क्षेत्रीय शांति जैसे प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
उड़ान से लेकर विदाई तक का गर्मजोशी भरा स्वागत
पीएम मोदी ने खुद दिल्ली के पालम एयर फोर्स स्टेशन पर UAE राष्ट्रपति का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को “भाई” कहते हुए गर्मजोशी से गले लगाया। मोदी ने X पर पोस्ट किया, “मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान को हवाई अड्डे पर स्वागत करने गया।” यह भारत-UAE के बीच “भाईचारे” की मजबूत छवि को और मजबूत करता है।
प्रमुख समझौते और घोषणाएं
दोनों नेताओं की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान और विदेश सचिव विक्रम मिश्री की ब्रिफिंग में कई बड़े फैसले सामने आए:व्यापार लक्ष्य दोगुना: दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को $100 बिलियन से बढ़ाकर $200 बिलियन करने का लक्ष्य रखा। इसमें MSME, डिजिटल ट्रेड, बाजार पहुंच और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
LNG डील: हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और ADNOC गैस के बीच 10 साल की LNG सप्लाई एग्रीमेंट साइन हुई। 2028 से हर साल 0.5 मिलियन टन LNG भारत को मिलेगा, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।
परमाणु सहयोग:
भारत के नए SHANTI कानून के बाद सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन को बढ़ावा। बड़े न्यूक्लियर रिएक्टर, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR), न्यूक्लियर सेफ्टी और एडवांस्ड रिएक्टर सिस्टम पर सहयोग होगा।
रक्षा साझेदारी: स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप के लिए लेटर ऑफ इंटेंट साइन। यह दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को नया फ्रेमवर्क देगा।
अन्य क्षेत्र: स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर, कमर्शियलाइजेशन, Dholera (गुजरात) में स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन, सुपरकंप्यूटिंग, फूड सेफ्टी और AI Impact Summit (फरवरी 2026) में UAE की भागीदारी पर सहमति।
क्षेत्रीय शांति और ‘Board of Peace’
बैठक में गाजा क्षेत्र की स्थिति और क्षेत्रीय अस्थिरता पर भी चर्चा हुई। UAE ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित ‘Board of Peace’ में शामिल होने की सहमति दी, जिसका उद्देश्य गाजा में ट्रांजिशनल गवर्नेंस और शांति स्थापना है। UAE ने इसे “सहयोग, स्थिरता और समृद्धि” के लिए समर्थन दिया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद (क्रॉस-बॉर्डर सहित) की निंदा की और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया।
यात्रा की खासियत और महत्व
यह यात्रा UAE राष्ट्रपति की भारत की पांचवीं (राष्ट्रपति बनने के बाद तीसरी आधिकारिक) यात्रा थी। तीन घंटे की इस “सरप्राइज” विजिट ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी, लेकिन संयुक्त बयान से साफ हुआ कि यह पूर्व नियोजित और अत्यंत उत्पादक थी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत को UAE का “स्ट्रैटेजिक फायरवॉल” मानते हुए यह मुलाकात हुई।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-UAE की “बहुआयामी दोस्ती” को और मजबूत करने का संकल्प है। UAE राष्ट्रपति ने X पर लिखा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने पर खुशी हुई।