रूस, चीन, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की,अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने की तारीफ

काराकास/वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज सुबह घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में एक बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया गया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि “अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ सफलतापूर्वक बड़ा हमला किया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ पकड़कर देश से बाहर उड़ान भर लिया गया है।”यह अभियान “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नाम से चलाया गया, जिसमें अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस (डेल्टा फोर्स) ने काराकास में मादुरो के किले जैसे सुरक्षित घर पर छापा मारा।

ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोई अमेरिकी सैनिक नहीं मारा गया, हालांकि कुछ घायल हुए। मादुरो को अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस इवो जिमा पर ले जाया गया और फिर न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां सोमवार को उनकी कोर्ट में पेशी होगी।आरोप क्या हैं?
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने नए इंडिक्टमेंट की घोषणा की, जिसमें मादुरो और उनकी पत्नी पर नार्को-टेररिज्म, कोकीन आयात की साजिश, मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं।
ये आरोप 2020 से चले आ रहे हैं, जब अमेरिका ने मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था। अमेरिका का दावा है कि मादुरो ने कोलंबियाई विद्रोहियों के साथ मिलकर अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी की।

ट्रंप का बयान:
ट्रंप ने मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम वेनेजुएला को तब तक चलाएंगे जब तक सुरक्षित और उचित ट्रांजिशन नहीं हो जाता।” उन्होंने इसे “मोनरो डॉक्ट्रिन” का आधुनिक संस्करण बताया, जिसे उन्होंने “डॉन-रो डॉक्ट्रिन” कहा।
ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल भंडारों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी कंपनियां वहां काम करेंगी।
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया:
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इसे “अमेरिकी आक्रमण और अपहरण” बताया और मादुरो की तुरंत रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मादुरो ही एकमात्र वैध राष्ट्रपति हैं और देश रक्षा के लिए तैयार है। काराकास में बिजली गुल हो गई और कुछ इलाकों में सैनिक तैनात हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं- रूस, चीन, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की और इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने ट्रंप की तारीफ की। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने इसे “अस्वीकार्य” कहा।
कई विशेषज्ञों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, क्योंकि कांग्रेस की मंजूरी नहीं ली गई।
भारत की प्रतिक्रिया:
विदेश मंत्रालय ने आज एडवाइजरी जारी की: वेनेजुएला में हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई। वहां मौजूद भारतीयों से कहा गया कि वे घरों में रहें, सावधानी बरतें और काराकास में भारतीय दूतावास से संपर्क रखें (ईमेल: cons.caracas@mea.gov.in, हेल्पलाइन: +58-412-958-4288)।