
बीडीए हुआ सरेंडर, गौचर गायों की
बीकानेर । बीकानेर की गौचर को लेकर विवाद का पटाक्षेप हो गया है । अब इस भूमि पर बीडीए कोई प्लान नहीं बना सकेगा और गौचर फिर से गायों के लिए ही होगी । शनिवार को बीजेपी बीकानेर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी। इसके साथ ही साधु संतों का प्रस्तावित आंदोलन स्थगित हो गया ।
साधु संत थे आंदोलित
गौचर भूमि को लेकर पिछले कुछ समय से साधु संत आंदोलित थे । पूर्व मंत्री बीडी कल्ला भी इसके विरोध में उतरे । इसी हफ्ते मामला सीएमओ तक पहुंचा और शनिवार को इसका पटाक्षेप हो गया ।
बिहारी लाल ने किया कमाल-
कल तक असंभव दिखने वाले इस काम को सिरे चढाने के राजस्थान बीजेपी के उपाध्यक्ष बिहारी लाल बिश्नोई की रणनीति सफल हुई। वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ सीएमओ तक इस विषय को लेकर गए । सीएमओ की सख्ती के बाद बीडीए सरेंडर हो गया और बिहारी लाल बिश्नोई ने जैसा चाहा वैसा ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को भिजवा दिया ।
विधायकों ने किया था विरोध –
बीकानेर शहर से लगती 5 हजार हेक्टेयर से अधिक गौचर जिसे शहर के मास्टर पालन बनाते वक्त रेजिडेंशियल जोन में शामिल कर लिया और बाकी काम नियमों का हवाला देकर भूमि को बीडीए को दे दिया । विधायक जेठानंद व्यास, सिद्धि कुमारी,ताराचंद सारस्वत, अंशुमान सिंह भाटी और डॉ विश्वनाथ मेघवाल ने इसे गलत बताया और विरोध जताया था ।
अब बीडीए ने किया निर्णय –
– गोचर की जमीन में बीकानेर के विकास के नाम पर नहीं होगी छेड़छाड़
* गोचर की जमीन पर बीडीए का नहीं होगा कोई अधिकार,
– गोचर अब बीडीए, कलेक्टर के अधीन नहीं, राज्य सरकार होगी अधीन
– प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी बिश्नोई, विधायक जेठानंद व्यास, विधायक सिद्धि कुमारी, विधायक ताराचंद सारस्वत, विधायक अंशुमान सिंह भाटी, शहर अध्यक्ष सुमन छाजेड़, देहात अध्यक्ष श्याम पंचारिया मौजूद रहे। साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरजू महाराज ने निर्णय पर आभार जताया और धरना प्रदर्शन स्थगित करने की जानकारी दी ।
