
IPS अधिकारी करेगा मामले की जांच,एक सप्ताह में कोर्ट को देनी होगी पूरी जानकारी
जोधपुर, 2 दिसंबर । राजस्थान हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड थाने के थानाधिकारी हमीर सिंह सोडा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वकील के साथ अभद्रता और धमकी देने के मामले में थाने के रीडर कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह को भी निलंबित किया गया है।

घटना 1 दिसंबर की रात की है, जब अधिवक्ता भरतसिंह राठौड़ एक दुष्कर्म पीड़िता का बयान दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। इस दौरान थानाधिकारी हमीर सिंह और वकील के बीच तीखी नोकझोंक हुई। वकील द्वारा बिना वर्दी के मौजूद पुलिसकर्मियों पर सवाल उठाने पर थानाधिकारी भड़क गए और कथित तौर पर वकील को धक्का देते हुए कहा,
“वकील हो तो क्या हो गया, सारी वकालत निकाल दूंगा।”
पूरा वाकया सीसीटीवी और मोबाइल में रिकॉर्ड हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
आज सुबह जोधपुर के सैकड़ों वकीलों ने थाने का घेराव किया और न्यायिक कार्य से पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की।

इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की पीठ ने पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश, डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल और थानाधिकारी हमीर सिंह को तलब किया।
कोर्ट रूम में वकीलों ने वीडियो दिखाया। सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर ने माना कि थानाधिकारी का व्यवहार “अमर्यादित” था। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए तत्काल निलंबन के आदेश दिए। साथ ही निर्देश दिए कि:
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मामले की जांच IPS स्तर के अधिकारी से हो,पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाए आदेश के बाद वकीलों ने कोर्ट परिसर से विजयी रैली निकाली और शाम तक न्यायिक कार्य बहिष्कार वापस ले लिया।
पुलिस कमिश्नर ने कोर्ट में आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट तलब की है।