
फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) की नवीनतम रैंकिंग
जयपुर, 22 नवंबर। राजस्थान ने व्यापार सुगमता (बिजनेस ईज ऑफ डूइंग) के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। केंद्र सरकार के विभाग फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) की नवीनतम रैंकिंग में राज्य को चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों—लैंड रिकॉर्ड्स, लेबर रिकॉर्ड्स, पर्यावरण क्लियरेंस और सिंगल विंडो सिस्टम—में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की सुधार-केंद्रित नीतियों का परिणाम है, जो निवेश आकर्षण और आर्थिक विकास को गति देने पर केंद्रित हैं।
सीएम भजनलाल शर्मा ने आज जयपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा, “राजस्थान अब निवेशकों का सबसे पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। हमारी सरकार ने व्यापारिक सुगमता को मजबूत बनाने के लिए सतत प्रयास किए हैं, और यह रैंकिंग उसी का प्रमाण है। हमारा संकल्प है कि राज्य को देश का अग्रणी आर्थिक केंद्र बनाया जाए। आगे के वर्षों में और अधिक सुधारों से राजस्थान को $350 अरब की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हासिल करेंगे।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि ये सुधार न केवल उद्योगों को बढ़ावा देंगे, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे।पृष्ठभूमि और प्रमुख सुधारDPIIT की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान ने 2025 की पहली तिमाही में कुल 18 व्यापार सुगमता संकेतकों में से चार में शानदार प्रदर्शन किया। ये क्षेत्र हैं:लैंड रिकॉर्ड्स सिस्टम: डिजिटल लैंड बैंक और ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने से राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया। इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 50% तेज हो गई है।
लेबर रिकॉर्ड्स: श्रम कानूनों के एकीकरण और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से लाइसेंसिंग में सुधार से उद्योगों को राहत मिली। राजस्थान अब श्रमिक पंजीकरण में सबसे तेज राज्य है।
पर्यावरण क्लियरेंस: हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए तेज पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया ने राज्य को अग्रणी बनाया, खासकर सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में।
सिंगल विंडो सिस्टम: सभी मंजूरियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने से व्यवसाय शुरू करने का समय घटकर मात्र 15 दिनों में सिमट गया है।
ये सुधार ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024’ के बाद और मजबूत हुए, जहां 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे। अब तक 4 लाख करोड़ के निवेश ग्राउंडेड हो चुके हैं, जो नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण और आईटी क्षेत्रों में केंद्रित हैं।
सरकार की नई नीतियां: निवेश का नया द्वारमुख्यमंत्री शर्मा की सरकार ने हाल ही में नौ नई नीतियां लॉन्च कीं, जो इन सुधारों को और मजबूत करेंगी। इनमें एमएसएमई, पर्यटन, निर्यात, क्लीन एनर्जी, एम-सैंड, क्लस्टर डेवलपमेंट, वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट और खनिज क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा:राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम-2024: उद्योगों को 75% जीएसटी रिफंड, 20% कैपिटल सब्सिडी या 1.4% टर्नओवर-लिंक्ड इंसेंटिव का विकल्प।
लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2025: लॉजिस्टिक्स लागत 10% घटाने का लक्ष्य, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित।
डेटा सेंटर और टेक्सटाइल पॉलिसी: डेटा सेंटर के लिए सब्सिडी और टेक्सटाइल हब विकसित करने पर फोकस।
सीएम ने कहा, “ये नीतियां राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। हम एआई इन एग्रीकल्चर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे नवाचारों से कृषि को भी मजबूत कर रहे हैं।”विशेषज्ञों और उद्योग जगत की प्रतिक्रियाराजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉ. एस.के. गुप्ता ने कहा, “ये रैंकिंग राजस्थान को निवेश का हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। सरकार के सुधारों से स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है, खासकर एग्रीटेक और डीप टेक में।” पीएचडीसीसीआई के चेयरमैन दिग्विजय धाबरिया ने जोर दिया, “व्यवसाय लागत घटाने और लॉजिस्टिक्स सुधारने से राज्य प्रतिस्पर्धी बनेगा।”😀